अगर आप इस हफ्ते केदारनाथ या बद्रीनाथ यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो सावधान रहें। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार, 5 अक्टूबर से बुधवार, 7 अक्टूबर के बीच उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं और बारिश की चेतावनी जारी की है। इससे रुद्रप्रयाग-केदारनाथ और उत्तरकाशी-गंगोत्री या यमुनोत्री मार्गों पर खतरा बढ़ गया है। ऐसे में श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा और दर्शन के समय में बदलाव करने और IMD के चार धाम नाउकास्ट (ताजा मौसम अपडेट) पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
आज सुबह 04:00 से 07:00 बजे के बीच जारी IMD के चार धाम सेक्टर नावकास्ट में मुख्य रास्तों पर कोई चेतावनी नहीं थी, जिससे सुबह के वक्त सफर करने का अच्छा मौका मिला। हालांकि, 7 अक्टूबर तक आंधी-तूफान की आशंका को देखते हुए दोपहर के बाद मौसम कभी भी बिगड़ सकता है, क्योंकि पहाड़ों में अक्सर दोपहर बाद मौसम तेजी से बदलता है। इसलिए अपनी यात्रा का प्लान थोड़ा लचीला रखें और सफर शुरू करने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर चेक कर लें।

IMD अलर्ट 5-7 अक्टूबर: चार धाम रूट पर जोखिम और सफर के लिए सुरक्षित समय
| रूट | 04:00–07:00 नावकास्ट | आज (5 अक्टूबर) के लिए टिप्स |
|---|---|---|
| रुद्रप्रयाग–केदारनाथ | 04:00–07:00 बजे तक कोई चेतावनी नहीं | तड़के से लेकर सुबह तक का सफर चुनें; दोपहर बाद मौसम का हाल देखकर ही आगे बढ़ें। |
| उत्तरकाशी–गंगोत्री/यमुनोत्री | 04:00–07:00 बजे तक कोई चेतावनी नहीं | सुबह-सुबह सफर पूरा करने को प्राथमिकता दें; दोपहर बाद तूफान की स्थिति में थोड़ा रुक जाएं। |
भीड़भाड़ से बचकर आराम से दर्शन करने के लिए मंदिरों के तय समय के हिसाब से योजना बनाएं। बद्रीनाथ में अभिषेक पूजा सुबह लगभग 4:00 से 6:30 बजे तक होती है और शाम की आरती 6:00 बजे के आसपास होती है; वहीं केदारनाथ की शाम की आरती भी शाम 6:00 बजे होती है। अगर मौसम साफ रहे, तो सुबह अभिषेक के ठीक बाद और शाम 7:00 बजे के बाद लाइनें थोड़ी छोटी हो जाती हैं। यदि आपने किसी खास पूजा की बुकिंग की है, तो तय समय से 30 मिनट पहले पहुंच जाएं।
केदारनाथ-बद्रीनाथ यात्रा: रजिस्ट्रेशन, दर्शन का समय, हेलीकॉप्टर सेवा और पैदल ट्रैक
राज्य के आधिकारिक पोर्टल पर सभी श्रद्धालुओं और वाहनों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है; चेकिंग पॉइंट पर दिखाने के लिए अपना ई-पास संभालकर रखें। हेलीकॉप्टर सेवा पूरी तरह से मौसम पर निर्भर करती है; बुकिंग केवल BKTC द्वारा स्वीकृत IRCTC के HeliYatra लिंक से ही करें। उड़ाने शुरू होंगी या नहीं, इसका फैसला UCADA और DGCA करते हैं, इसलिए बादल छाए रहने पर उड़ानें रद्द भी हो सकती हैं। गौरीकुंड से केदारनाथ की पैदल चढ़ाई लगभग 17 किलोमीटर लंबी है, इसलिए तड़के ही निकलना बेहतर होगा।
हेल्पलाइन नंबर, पुलिस अपडेट्स और जरूरी तैयारी
आपात स्थिति के लिए इन नंबरों को सेव कर लें: पर्यटन हेल्पलाइन 1364; BKTC केदारनाथ +91‑7302257116; BKTC बद्रीनाथ +91‑8534001008; और रुद्रप्रयाग कंट्रोल रूम 8534051319। ट्रैफिक की स्थिति और एडवाइजरी के लिए X (ट्विटर) पर उत्तराखंड पुलिस और जिला प्रशासन की वेबसाइट्स चेक करते रहें। अगर हाइवे पर जाम मिले तो UTC बस या शेयरिंग जीप का रुख करें और अपनी योजना में कम से कम एक एक्सट्रा (बफर) दिन जरूर रखें। अपने साथ रैनकोट, गर्म कपड़े और हेडलाइट या टॉर्च जरूर साथ रखें।



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