भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दार्जिलिंग और सिक्किम में 29 जून तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगर आप इन जगहों पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो नेशनल हाईवे 10 (NH-10) और टॉय ट्रेन का स्टेटस तुरंत चेक कर लें। भारी बारिश की वजह से लैंडस्लाइड (भूस्खलन) का खतरा बढ़ गया है, जिससे पर्यटकों का वीकेंड प्लान बिगड़ सकता है। सुरक्षित सफर के लिए रास्तों के अपडेट पर लगातार नजर रखें।
प्रशासन ने इस वीकेंड उत्तरी पहाड़ी जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। ऐसे में न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) से पहाड़ों की ओर जाने वाले रास्तों पर सफर करना जोखिम भरा हो सकता है। सेवक (Sevoke) और 29th माइल जैसे लैंडस्लाइड संभावित इलाकों में देरी के लिए तैयार रहें। पहाड़ों के घुमावदार रास्तों पर लंबे जाम से बचने के लिए आधिकारिक बुलेटिन चेक करते रहना ही समझदारी है।

| क्षेत्र | खतरे का स्तर | ट्रैवल एडवाइजरी |
|---|---|---|
| दार्जिलिंग | बहुत ज्यादा | देर शाम सफर करने से बचें |
| कलिम्पोंग | गंभीर | NH-10 के बंद होने की जानकारी लें |
| पूर्वी सिक्किम | ज्यादा | मेली डायवर्जन रूट का इस्तेमाल करें |
NH-10 और दार्जिलिंग रूट का ताजा हाल
नेशनल हाईवे 10 (NH-10) गंगटोक और सिक्किम को जोड़ने वाली मुख्य लाइफलाइन है, लेकिन मानसून की भारी बारिश में यह अक्सर प्रभावित होती है। अगर मुख्य रास्ता बंद हो, तो मेली या गोरुबथान के वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करें। इन रास्तों में समय थोड़ा ज्यादा लग सकता है, लेकिन ये ज्यादा सुरक्षित हैं। अगर आपको बागडोगरा एयरपोर्ट (IXB) से फ्लाइट पकड़नी है, तो हमेशा हाथ में एक्स्ट्रा समय लेकर चलें।
दार्जिलिंग और सिक्किम के कई होटल अब फ्लेक्सिबल बुकिंग की सुविधा दे रहे हैं। बुकिंग से पहले अपने होटल से रिफंड पॉलिसी के बारे में जरूर बात कर लें। मानसून में होने वाली देरी से बचने के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस लेना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इमरजेंसी की स्थिति को देखते हुए ऐसी प्रॉपर्टी चुनें जहां से सड़क तक पहुंचना आसान हो। भारी बारिश के इस दौर में ये सावधानियां आपके काम आएंगी।
रेलवे अपडेट और सिक्किम में सुरक्षित सफर के टिप्स
दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (DHR) की टॉय ट्रेन के शेड्यूल में अचानक बदलाव हो सकता है। भारी बारिश की वजह से अक्सर पटरियों पर मलबा आ जाता है। स्टेशन पहुंचने से पहले भारतीय रेलवे की वेबसाइट पर अपनी बुकिंग का स्टेटस जरूर चेक कर लें। इसके अलावा, अपने साथ रेनकोट, छाता और जरूरी इमरजेंसी नंबर रखना न भूलें। पहाड़ी मौसम के अनिश्चित मिजाज के बीच ये छोटे कदम आपके सफर को आसान बनाएंगे।
मानसून में पहाड़ों की ट्रिप के लिए पूरी तैयारी और मौसम पर नजर रखना बेहद जरूरी है। कोशिश करें कि सुबह जल्दी अपना सफर शुरू करें, क्योंकि उस वक्त विजिबिलिटी बेहतर होती है और आप दोपहर बाद होने वाली भारी बारिश से भी बच सकते हैं। अपनी ट्रिप को सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन करें।



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