अगर आप आज यानी 8 सितंबर को शिमला, मनाली, मसूरी या नैनीताल जाने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम विभाग (IMD) का यह अलर्ट जरूर पढ़ लें। उत्तराखंड में आज भी तेज गरज के साथ बिजली गिरने की आशंका है, जिससे प्रमुख टूरिस्ट रूट प्रभावित हो सकते हैं। वहीं हिमाचल में भले ही खतरा थोड़ा कम दिख रहा हो, लेकिन लगातार बारिश की वजह से पहाड़ी सड़कों पर सफर अभी भी जोखिम भरा है। ऐसे में ट्रैफिक की धीमी रफ्तार, अचानक रास्ते बंद होने और मलबे की सफाई में ज्यादा वक्त लगने के लिए तैयार रहें।
मसूरी-देहरादून रूट पर 'पानी वाला बैंड' के पास बार-बार मलबा आने से ट्रैफिक बेहद प्रभावित है। रात में मसूरी की फेमस कैमल्स बैक रोड (Camel’s Back Road) का एक हिस्सा धंस जाने की वजह से इसे बंद करना पड़ा। नैनीताल-हल्द्वानी रूट 4 सितंबर को बहाल कर दिया गया था, लेकिन सोमवार को भीमताल-हल्द्वानी मार्ग पर फिर से दिक्कतें सामने आईं। उधर हिमाचल के नालागढ़-रामशहर-शिमला मार्ग पर रविवार को लैंडस्लाइड से सड़क का एक हिस्सा धंस गया। कल राज्यभर में कुल्लू और शिमला बेल्ट की 59 सड़कें मलबे की वजह से बंद रहीं।

IMD का आज बारिश को लेकर अलर्ट: उत्तराखंड और हिमाचल का हाल
मौसम विभाग (IMD) के नक्शों के मुताबिक, उत्तराखंड में आज बिजली कड़कने और गरज के साथ बारिश का अलर्ट है, जबकि हिमाचल में हालात थोड़े सामान्य नजर आ रहे हैं। हालांकि, पहाड़ियों और संकरी घाटियों में मौसम पल भर में बदल जाता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह तड़के से लेकर दोपहर से पहले निकलना ज्यादा बेहतर रहेगा, क्योंकि इस दौरान बारिश और जाम की समस्या कम होती है। सफर शुरू करने से पहले अपने पूरे रूट के लिए IMD के जिलेवार अलर्ट की जांच जरूर कर लें।
सड़कें बंद और लैंडस्लाइड के अपडेट्स: शिमला-मनाली, मसूरी-नैनीताल का रूट चार्ट
पहाड़ों पर स्थिति हर घंटे बदल सकती है, इसलिए अपने सफर में कम से कम 60 से 90 मिनट का अतिरिक्त समय (बफर) लेकर चलें और ऑफलाइन मैप्स डाउनलोड करके रखें। कई जगह अगर स्थानीय रास्ते बंद हैं, तो मुख्य हाईवे पर वन-वे ट्रैफिक चालू रखा गया है। पुलिस के दिए गए डायवर्जन साइन बोर्ड का पालन करें, अनजान शॉर्टकट लेने से बचें और लगातार ट्रैफिक पुलिस के अपडेट्स देखते रहें। नीचे दी गई टेबल से आज के रास्तों और उनके विकल्पों के बारे में जानें:
| रूट | आज की स्थिति | वैकल्पिक रास्ता / जरूरी बातें | सोर्स |
|---|---|---|---|
| मसूरी–देहरादून | रुक-रुक कर ट्रैफिक रोका जा रहा; शहर में कैमल्स बैक रोड बंद | 'पानी वाला बैंड' के पास वन-वे ट्रैफिक; सफर में अतिरिक्त समय लेकर चलें | TOI; गढ़वाल पोस्ट |
| नैनीताल–हल्द्वानी (NH 109) | 4 सितंबर को बहाल; भीमताल-हल्द्वानी के पास बीच-बीच में रास्ते बंद | कालाढूंगी वाला रास्ता एक बेहतर विकल्प; बारिश का अलर्ट जरूर देखें | जनता से रिश्ता; अमर उजाला |
| शिमला–सोलन (NH 5) | परवाणू-वाकनाघाट कॉरिडोर के पास बार-बार लैंडस्लाइड | धरमपुर से शिमला के बीच टॉय ट्रेन चालू; चंडीगढ़ से बसें उपलब्ध | NDTV; टाइम्स नाउ नवभारत |
| मंडी–कुल्लू–मनाली (NH 3) | सावधानी के साथ खुला है; कल पूरे राज्य में 59 जगह रास्ते बंद थे | डायवर्जन के लिए तैयार रहें; मंडी और कुल्लू के लोकल अपडेट देखते रहें | पीटीआई रिपोर्ट |
रिफंड-कैंसिलेशन, ट्रेन के विकल्प और जरूरी हेल्पलाइन नंबर
अगर आपकी बुकिंग है, तो होटल और टूर ऑपरेटर्स से 'वेदर वेवर' (मौसम की छूट) के तहत री-शेड्यूल करने के लिए कहें। इसके लिए खराब मौसम के फोटो और सरकारी एडवाइजरी का प्रूफ संभाल कर रखें। आज सड़क के बजाय ट्रेन का सफर ज्यादा सेफ रहेगा: देहरादून के लिए दिल्ली-देहरादून वंदे भारत, शिमला के लिए दिल्ली-कालका शताब्दी और धरमपुर-शिमला टॉय ट्रेन, जबकि नैनीताल के लिए दिल्ली-काठगोदाम रानीखेत एक्सप्रेस सही विकल्प हैं। किसी भी आपात स्थिति के लिए 112 (इमर्जेंसी), 1070 (डिजास्टर कंट्रोल) और 1033 (NHAI हाइवे) हेल्पलाइन नंबर जरूर सेव रखें।
अगर आज सफर करना बहुत जरूरी है, तो हर पड़ाव पर एक्स्ट्रा टाइम रखें और स्थानीय पुलिस के लाइव अपडेट्स पर नजर रखें। पहाड़ों पर भूस्खलन की स्थिति में दिल्ली-एनसीआर से ट्रेनों या इंटरसिटी बसों का चुनाव करें और मौसम साफ होने पर आगे बढ़ें। अपने साथ खाने-पीने का सामान, रेनकोट/छाता और पावर बैंक जरूर रखें। पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी चलाने से पहले IMD और स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइंस चेक करना न भूलें।



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