अगर आप इस वीकेंड पहाड़ों की ओर निकलने, टॉय ट्रेन के सुहाने सफर और शिमला-मनाली में चाय की चुस्कियां लेने का प्लान बना रहे हैं, तो जरा संभलकर। आज यानी बुधवार, 26 अगस्त को हिमाचल में मानसून का असर साफ दिख रहा है। रातभर हुई बारिश की वजह से राज्य की कमजोर सड़कें एक बार फिर प्रभावित हुई हैं। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मुताबिक, मंगलवार देर रात तक प्रदेश की 99 सड़कें बंद थीं, जिनमें सबसे ज्यादा असर मंडी और कुल्लू जिलों में देखा गया। ऐसे में अगर आप इस हफ्ते शिमला या मनाली जाने की सोच रहे हैं, तो बुकिंग करने से पहले अपने रूट और बैकअप प्लान की पूरी जानकारी जरूर जुटा लें।
इस पूरे हफ्ते हिमाचल में बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के सब-डिवीजन डैशबोर्ड पर 26 अगस्त के लिए पूरे राज्य का कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ है, फिर भी स्थानीय स्तर पर बारिश का सिलसिला वीकेंड तक बना रहेगा। इससे पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बना रहेगा और ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रहेगी। पहाड़ों पर सफर के लिए सुबह का समय सबसे मुफीद माना जा रहा है। फिर भी, धुंध और मलबे की सफाई की वजह से होने वाली देरी को ध्यान में रखकर एक्सट्रा टाइम लेकर चलें।

NH‑3 के संवेदनशील इलाके और कालका-शिमला हाईवे: यात्रा के लिए कौन-सा समय है सबसे सुरक्षित?
कीरतपुर-मनाली कॉरिडोर पर कई जगह गाड़ियाँ रोक-रोककर निकाली जा रही हैं। खासतौर पर पंडोह-औट वाले हिस्से में, जहाँ झालोगी, बनाला और "9 मील" के पास पहाड़ों से गिरते पत्थरों (शूटिंग स्टोन्स) के कारण यातायात बार-बार ठप हो रहा है। इसी तरह कालका-शिमला हाईवे पर चक्की मोड़ के पास रास्ता संकरा होने से गाड़ियाें की रफ्तार बहुत धीमी हो सकती है या कुछ देर के लिए आवाजाही रोकी जा सकती है। अगर स्थानीय प्रशासन सलाह दे, तो नालागढ़-अर्की-शालाघाट वाले वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करें और सफर की शुरुआत सुबह-सुबह ही कर लें।
कालका-शिमला टॉय ट्रेन की ताजा स्थिति और रिफंड के नियम
इस महीने कालका-शिमला टॉय ट्रेन सेवा लगातार प्रभावित रही है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 अगस्त तक दो टॉय ट्रेन सेवाएं पूरी तरह रद्द हैं, जबकि बाकी ट्रेनें मौसम के मिजाज पर निर्भर करेंगी। इससे पहले 5 अगस्त तक ट्रेनें बंद रहने की वजह से भी फ्रीक्वेंसी कम कर दी गई थी। इसलिए सफर पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन नंबर से लाइव स्टेटस जरूर चेक कर लें। अगर आपकी ट्रेन रद्द होती है, तो IRCTC ई-टिकट का ऑटोमैटिक रिफंड कर देता है। वहीं भारी देरी की सूरत में आप TDR फाइल करके रिफंड का दावा कर सकते हैं।
दिल्ली/चंडीगढ़ से शिमला: रूट, बस सेवा, पार्किंग और होटल बुकिंग टिप्स
अगर आप दिल्ली-एनसीआर से अपनी गाड़ी से आ रहे हैं, तो NH-5 पर परवाणू-धर्मपुर-सोलन वाले रास्ते को प्राथमिकता दें। नालागढ़-अर्की रूट पर तभी जाएं जब चक्की मोड़ बंद हो। चंडीगढ़ से शिमला जाने वालों के लिए बसों के बेहतरीन विकल्प उपलब्ध हैं। एचआरटीसी (HRTC), सीटीयू (CTU) और हरियाणा रोडवेज की बसें लगातार चलती हैं, जिनका किराया आमतौर पर ₹410 से शुरू होता है। शिमला पहुंचने पर गाड़ी खड़ी करने के लिए टूटीकंडी आईएसबीटी (Tutikandi ISBT), लिफ्ट और ओल्ड बस स्टैंड की पार्किंग का ही इस्तेमाल करें; कार्ट रोड के किनारे पार्किंग करने से बचें।
अपनी पैकिंग में लाइट रेनकोट, जल्दी सूखने वाले कपड़े, एक्स्ट्रा जूते और एक छोटी टॉर्च जरूर रखें। गांवों के आसपास नेटवर्क कमजोर होने पर डिजिटल पेमेंट में दिक्कत आ सकती है, इसलिए थोड़ा कैश साथ रखें। होटल बुकिंग के लिए फ्लेक्सिबल कैंसिलेशन वाली पॉलिसी चुनें ताकि रास्ते बंद होने पर तारीखें बदली जा सकें। सड़क खुलने या बंद होने की हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के डैशबोर्ड और हिमाचल पुलिस के आधिकारिक 'X' (ट्विटर) हैंडल पर नजर रखें, जहां दिनभर लाइव अपडेट दिए जाते हैं।



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