दिल्ली से अगर आप इस वीकेंड हिमाचल प्रदेश की ट्रिप प्लान कर रहे हैं, तो जरा संभल जाइए! राज्य में भारी बारिश के नए अलर्ट के चलते रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शिमला, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा के लिए मौसम की चेतावनी जारी की है। भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण चंडीगढ़-शिमला और कीरतपुर-मनाली जैसे प्रमुख हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। ऐसे में यात्रा शुरू करने से पहले रूट की सही जानकारी जरूर ले लें और सोलन या चायल के पास फ्लेक्सिबल बुकिंग ही रखें।
आज सुबह नेशनल हाईवे 5 (NH-5) पर सोलन के पास रुक-रुक कर हुई मानसूनी बारिश के कारण कई जगह लैंडस्लाइड हुई। चक्की मोड़ और सलोगड़ा में मलबे को हटाने का काम जारी है, जिससे वहां सिर्फ सिंगल-लेन ट्रैफिक ही चल पा रहा है और गाड़ियों को देरी हो रही है। उधर उत्तर में कीरतपुर-मनाली हाईवे पर बिलासपुर और मंडी के पास पहाड़ियों से पत्थर गिर रहे हैं। यातायात को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस गाड़ियों को स्वारघाट के रास्ते डायवर्ट कर रही है। खराब विजिबिलिटी और अचानक पत्थर गिरने के खतरे को देखते हुए अंधेरा होने के बाद सफर न करने की सलाह दी गई है।

हिमाचल में रास्तों का हाल और टॉय ट्रेन की स्थिति
यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल कालका-शिमला टॉय ट्रेन रूट भी हालिया लैंडस्लाइड के कारण आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। ट्रैक से मलबा हटाने के काम के चलते भारतीय रेलवे ने कुछ एक्सप्रेस सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है। अगर आप आज कालका स्टेशन जा रहे हैं, तो निकलने से पहले रेलवे की लाइव हेल्पलाइन पर स्थिति जरूर जांच लें। वहीं सड़क मार्ग से सफर करने वालों के लिए सलाह है कि वे केवल दिन के उजाले में ही यात्रा करें, ताकि ऊंचाई वाले इलाकों में मानसून के खतरों से बचा जा सके। सफर में थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर चलें, जिससे खराब मौसम के बीच आपकी यात्रा तनावमुक्त रहे।
| ज़िला / रूट | स्थिति / एडवाइजरी | सुरक्षित विकल्प |
|---|---|---|
| NH-5 सोलन पैच | चक्की मोड़ पर सिंगल-लेन के कारण देरी | माशोबरा/चायल होकर शिमला जाएं |
| कीरतपुर-मनाली हाईवे | बिलासपुर के पास पहाड़ियों से गिरते पत्थर | स्वारघाट के रास्ते डायवर्जन |
| कालका-शिमला रेलवे | कुछ टॉय ट्रेन सेवाएं रद्द | दिन के उजाले में सड़क मार्ग से सफर |
दिल्ली-शिमला/मनाली ट्रिप के लिए सुरक्षित विकल्प और स्टे ऑप्शंस
अगर भारी बारिश के कारण आपका रास्ता प्रभावित होता है, तो आप आसपास की कम ऊंचाई वाली शांत जगहों का रुख कर सकते हैं। बरोग, चायल और नालदेहरा जैसी जगहों पर लैंडस्लाइड का खतरा काफी कम रहता है और यहां मानसून का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। हाईवे पर ट्रैफिक रुकने की स्थिति से निपटने के लिए सोलन या चायल के आसपास रिफंडेबल होटल बुकिंग ही करें। बारिश के दौरान लोकल पुलिस की एडवाइजरी और लाइव नेविगेशन ऐप्स से लगातार अपडेट लेते रहें। थोड़ी सी समझदारी से आप इस मानसूनी सफर को सुरक्षित और यादगार बना सकते हैं।
थोड़ी सावधानी बरतकर दिल्ली से जाने वाले टूरिस्ट आज भी हिमाचल के पहाड़ों का सुरक्षित आनंद ले सकते हैं। आपकी प्राथमिकता केवल दिन में गाड़ी चलाने, मौसम के ताजा अपडेट्स देखने और ठहरने के लिए फ्लेक्सिबल विकल्प चुनने पर होनी चाहिए। आधिकारिक ट्रैफिक अपडेट्स से जुड़े रहकर आप अपनी पहाड़ी यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बना सकते हैं। पहाड़ों के मौसम की चेतावनी का सम्मान करें और सुरक्षित रास्तों का चुनाव कर प्रकृति की सुंदरता का लुत्फ उठाएं।



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