हैदराबाद के नेकलेस रोड स्थित प्रसाद्स के पास HMDA ग्राउंड्स में आज यानी 7 अक्टूबर से 'सरस मेला' (SARAS Mela) शुरू हो गया है। हुसैन सागर झील के किनारे लगे इस मेले में देशभर के लजीज पकवानों के लाइव फूड काउंटर, हैंडलूम और ग्रामीण हस्तशिल्प के स्टॉल सजाए गए हैं। अगर आप परिवार के साथ सस्ती और स्वादिष्ट रीजनल डिशेज का लुत्फ उठाना चाहते हैं, तो यह शाम बिताने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है। सूरज ढलने के बाद यहां अच्छी-खासी चहल-पहल देखने को मिलेगी, जहां लोग देशभर से आई महिला उद्यमियों और कारीगरों से मिलने के साथ-साथ अलग-अलग जायकों का आनंद ले सकते हैं। यह मेला आईमैक्स सर्किल (IMAX Circle) के ठीक सामने लगा है।
पंचायत राज और ग्रामीण विकास विभाग के तहत 'सोसायटी फॉर एलिमिनेशन ऑफ रूरल पॉवर्टी' (SERP) द्वारा आयोजित यह मेला 18 अक्टूबर तक चलेगा। आयोजकों ने यहां 200 से ज्यादा स्टॉल तैयार किए हैं। इनमें अकेले तेलंगाना ब्लॉक में हस्तशिल्प के 32 स्टॉल, हैंडलूम के 20, खाद्य उत्पादों के 30 काउंटर, 4 हर्बल कियोस्क, 3 प्रोडक्शन-आइटम यूनिट और 6 लाइव-फूड स्टेशन शामिल हैं। इस मेले में असम से लेकर केरल और जम्मू-कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक के कारीगर हिस्सा ले रहे हैं।

हैदराबाद सरस मेला: क्या खाएं और कहां जाएं?
अगर आप खाने-पीने के शौकीन हैं, तो सबसे पहले लाइव-फूड स्टेशनों का रुख करें। पिक आवर्स के दौरान मिलेट्स (मोटे अनाज) से बने स्नैक्स, रीजनल थाली और पारंपरिक जनजातीय मिठाइयों की भारी मांग रहती है। पिछले सरस मेलों में वड़ा पाव, दाल बाटी चूरमा, लहाबी कबाब, तबक माज़, केरल की कप्पा बिरयानी और अराकु कॉफी जैसे जायके खूब पसंद किए गए थे। इस बार भी तेलंगाना के खास पारंपरिक व्यंजनों और आचारों के साथ-साथ आपको कई वैरायटी देखने को मिलेगी। भीड़भाड़ वाले काउंटरों पर जल्दी पेमेंट के लिए अपने पास UPI तैयार रखें।
हैदराबाद सरस मेला: एंट्री, पार्किंग और जाने का सही समय
ध्यान रखें कि हुसैन सागर झील के आसपास का इलाका HMDA द्वारा प्लास्टिक-फ्री ज़ोन घोषित है, इसलिए अपने साथ कपड़े के थैले और पानी की बोतल जरूर ले जाएं। पार्किंग के लिए आप आईमैक्स, पीपुल्स प्लाजा और एनटीआर गार्डन्स के पास स्थित HMDA पार्किंग लॉट का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी और रोटरी के पास रूट डायवर्जन पर भी नजर रखें। शाम के समय झील किनारे काफी भीड़ हो जाती है, इसलिए आराम से घूमने के लिए सूरज ढलने से पहले पहुंचे या वीकडेज (सोमवार से शुक्रवार) का दिन चुनें।
शॉपिंग के शौकीनों के लिए यहां बंजारा एम्ब्रॉयडरी, लकड़ी के खिलौने, जूट और लेदर के बैग, मिट्टी के बर्तन, कलमकारी और मशहूर पोचमपल्ली, गड़वाल व नारायणपेट साड़ियों की शानदार रेंज मौजूद है। मेले के दौरान हैदराबाद में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें बतुकम्मा (Bathukamma) उत्सव का जश्न प्रमुख रहेगा। इसके अलावा MEPMA के स्टॉल पर जरूर जाएं, जहां स्थानीय जायके पेश करने वाला एक लाइव-फूड काउंटर भी लगाया गया है। मेले को आराम से एक्सप्लोर करें—पहले पेट पूजा करें और फिर जब भीड़ थोड़ी कम हो, तब कपड़ों की खरीदारी करें।
इस मेले का असली आकर्षण ग्रामीण महिला उद्यमियों से मिलना, मिलेट्स से बने व्यंजनों का स्वाद चखना और हर एक कारीगरी के पीछे की कहानी को जानना है। झील की ठंडी हवाओं और बजट-फ्रेंडली मेनू के साथ, यह काम के बाद परिवार के साथ घूमने के लिए बेहतरीन जगह है। पेमेंट के लिए UPI का इस्तेमाल करें, प्लास्टिक से बचें और शाम की भीड़ से बचने के लिए दोपहर ढलते ही पहुंचने का प्लान बनाएं। 18 अक्टूबर तक हैदराबाद का नेकलेस रोड एक चमकते-दमकते बाजार में तब्दील रहेगा।



Click it and Unblock the Notifications