IRCTC ने सोमवार, 24 अगस्त को अपने नेक्स्ट जनरेशन ई-टिकटिंग (NGET) प्लेटफॉर्म में नए अपग्रेड्स का ऐलान किया है। इसका मकसद पिक आवर्स के दौरान वेबसाइट की स्पीड बढ़ाना और तत्काल बुकिंग को आसान बनाना है। अधिकारियों के मुताबिक, नए सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग और सॉफ्टवेयर को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा, बुकिंग खुलते ही साइट क्रैश न हो, इसके लिए 'एक्टिव-एक्टिव डिजास्टर रिकवरी' सिस्टम लागू किया गया है। बीटा टेस्टिंग के दौरान ही पॉप-अप्स और कैप्चा (CAPTCHA) की झंझट कम कर दी गई थी। शुरुआती आंकड़ों की मानें तो बुकिंग शुरू होने के पहले तीन मिनट के भीतर ही तत्काल टिकट मिलने की दर में करीब 5 फीसदी का इजाफा हुआ है।
यह नया रोडमैप जुलाई में शुरू हुए बीटा वर्जन के आधार पर ही तैयार किया गया है। IRCTC का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के बाद अब प्रति मिनट टिकट बुकिंग की क्षमता (थ्रूपुट) लगभग 37,000 से बढ़कर करीब 1 लाख तक पहुंच गई है। जुलाई 2026 में ऑनलाइन बुकिंग का आंकड़ा 89.84 फीसदी दर्ज किया गया। IRCTC के अनुसार, "NGET यानी नेक्स्ट जनरेशन ई-टिकटिंग, IRCTC का मुख्य बुकिंग प्लेटफॉर्म है।" उम्मीद जताई जा रही है कि एक्टिव-एक्टिव डिजास्टर रिकवरी सिस्टम पूरी तरह चालू होने से तत्काल विंडो खुलते ही साइट ठप होने की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।

IRCTC का नया अपग्रेड और तत्काल टिकट बुकिंग के खास टिप्स
तत्काल विंडो खुलने से पहले ही अपने IRCTC प्रोफाइल पर आधार वेरिफिकेशन पूरा कर लें और पैसेंजर डिटेल्स सेव रखें। ध्यान रहे कि AC क्लास की तत्काल बुकिंग सुबह 10 बजे और नॉन-AC की सुबह 11 बजे शुरू होती है। झटपट टिकट कंफर्म करने के लिए पेमेंट के कम से कम दो ऑप्शन तैयार रखें, जिसमें तुरंत कंफर्मेशन के लिए UPI को प्राथमिकता दें। हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड या मजबूत 4G/5G नेटवर्क का इस्तेमाल करें और बैकग्राउंड में चल रहे बाकी ऐप्स बंद कर दें। बुकिंग टाइम से कुछ मिनट पहले लॉगिन करें और विंडो खुलते ही पेज रिफ्रेश करें। बता दें कि तत्काल बुकिंग शुरू होने के शुरुआती 30 मिनट तक एजेंटों के टिकट बुक करने पर रोक रहती है।
VIKALP, रिफंड और चार्जबैक से जुड़ी जरूरी बातें
वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को 'विकल्प' (VIKALP) स्कीम का फायदा जरूर उठाना चाहिए। इसमें आप 7 वैकल्पिक ट्रेनों का चुनाव कर सकते हैं। ट्रेन के शेड्यूल टाइम से 30 मिनट से लेकर 72 घंटे पहले तक आपको किसी दूसरी ट्रेन में कंफर्म सीट अलॉट की जा सकती है। इसके तहत नजदीकी क्लस्टर स्टेशनों से बोर्डिंग या डेस्टिनेशन में बदलाव हो सकता है और इसके लिए कोई अतिरिक्त किराया नहीं देना होता। अगर अकाउंट से पैसे कट जाएं लेकिन टिकट बुक न हो, तो IRCTC अगले ही दिन ऑटो-रिफंड प्रोसेस शुरू कर देता है। वहीं, UPI पेमेंट फेल होने पर बैंकों को T+1 दिन के भीतर पैसे वापस करने होते हैं; अगर रिफंड में देरी हो तो आप शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
| ट्रिप | आना-जाना (स्लीपर, रिटर्न) | रुकना (हॉस्टल) | खाना | लोकल साइटसीइंग | अनुमानित कुल खर्च (₹) |
|---|---|---|---|---|---|
| ऋषिकेश, 2 दिन | 1,400 | 600 | 700 | 400 | 3,100 |
| हम्पी, 3 दिन | 1,800 | 1,200 | 1,200 | 800 | 5,000 |
| गोकर्ण, 3 दिन | 2,200 | 1,500 | 1,200 | 1,000 | 5,900 |
ध्यान दें कि खर्च का यह अनुमान एडवांस किराया और शेयर्ड हॉस्टल के आधार पर निकाला गया है; पीक सीजन के हिसाब से इसमें बदलाव हो सकता है। अगर नेटवर्क सही रहा, तो इस नए अपग्रेड से स्लीपर और 3-टियर एसी में टिकट मिलने के चांस थोड़े बढ़ सकते हैं। पूरी तैयारी के साथ 'विकल्प' ऑप्शन चुनें, UPI से पेमेंट को प्राथमिकता दें और पेमेंट फेल होने पर स्क्रीनशॉट संभालकर रखें। अगर रिफंड रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की तय समयसीमा के भीतर न आए, तो अपने बैंक में शिकायत दर्ज कराएं और जरूरत पड़ने पर मामले को आगे बढ़ाएं।



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