10 सितंबर की ताजा हाईवे एडवाइजरी के मुताबिक, कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखते हुए आज कश्मीर की यात्रा की जा सकती है। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) को मौसम और मरम्मत के काम के आधार पर दोनों तरफ से नियंत्रित तरीके से खोला गया है। गुलमर्ग, पहलगाम या सोनमर्ग जाने वाले पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे सिर्फ दिन के उजाले में ही सफर करें। मौसम विभाग (IMD) के बनिहाल पूर्वानुमान के अनुसार, आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और बारिश की संभावना बनी रहेगी। हालांकि, कोई आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसलिए निकलने का समय सोच-समझकर तय करें और अतिरिक्त समय का बैकअप लेकर चलें।
सड़क के संवेदनशील हिस्सों पर गाड़ियों की रफ्तार धीमी रह सकती है। उधमपुर के देवल में सड़क एक लेन की है और पैच काफी असमान हैं। मड़ोग से खोई नाला के बीच गाड़ियां अक्सर रेंग-रेंगकर चलती हैं। रामबन-बनिहाल सेक्टर में भी ट्रैफिक जाम की समस्या बनी हुई है। डिगडोल-खूनी नाला के पास सड़क चौड़ीकरण के काम की वजह से भी गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। गाड़ियों के खराब होने से बीच-बीच में ट्रैफिक रुक सकता है। ट्रैफिक अधिकारी दोनों तरफ के वाहनों को बारी-बारी से छोड़ रहे हैं, जिससे कतारें लग रही हैं और धीरे-धीरे क्लियर हो रही हैं।

जम्मू–श्रीनगर NH‑44: आज का ट्रैफिक प्लान, संवेदनशील हिस्से और दिन में सफर की सलाह
मौसम ठीक रहने पर आज के प्लान के तहत दोनों दिशाओं से हल्के वाहनों (LMV) और मालवाहक गाड़ियों को आने-जाने की अनुमति है। जम्मू, श्रीनगर और रामबन के ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट (TCU) रियल-टाइम में हालात पर नजर रख रहे हैं। डिगडोल-खूनी नाला कॉरिडोर से गुजरने वाले तेल और गैस के टैंकरों पर दिन के वक्त पाबंदी रहेगी। इन्हें शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे के बीच ही निकाला जाएगा। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे रात में ड्राइविंग से बचें और लेन अनुशासन का पालन करें।
गुलमर्ग, पहलगाम और सोनमर्ग के लिए मुगल रोड और SSG रोड का स्टेटस
मुगल रोड (पुंछ-शॉपियां) पर सबसे पहले हल्के वाहनों को हरी झंडी दी जाएगी। इसके बाद क्लीयरेंस मिलने पर दोनों ओर से 10 पहियों तक की भारी गाड़ियों को जाने दिया जाएगा। श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी (SSG) रोड पर सुबह के वक्त दोनों तरफ से हल्के वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी। दोपहर के आसपास कट-ऑफ समय लागू होगा, जिसके बाद भारी वाहनों का जाना सीमित कर दिया जाएगा। किसी भी वैकल्पिक रास्ते पर निकलने से पहले उस दिन की टाइमिंग जरूर चेक कर लें।
पहाड़ी रास्तों की प्लानिंग: सही समय, ट्रैफिक का हाल और जरूरी टिप्स
सफर को आसान बनाने के लिए रामबन-बनिहाल वाले हिस्से को सुबह 10-11 बजे के आसपास पार करने का लक्ष्य रखें। तब तक प्रशासनिक टीमें रात का गिरा मलबा साफ कर देती हैं। दोपहर में बारिश का जोर पकड़ने से पहले ही निकल जाना सही रहेगा। बनिहाल के लिए मौसम विभाग का अनुमान है कि भले ही कोई अलर्ट न हो, फिर भी हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। थोड़ा एक्स्ट्रा टाइम मानकर चलें और अपने साथ स्नैक्स व पानी जरूर रखें। सिंगल-लेन वाले पैच में रुक-रुक कर चलने वाले ट्रैफिक के लिए तैयार रहें।
दिल्ली-NCR से वीकेंड पर आने वाले यात्री सुबह की पहली फ्लाइट से श्रीनगर पहुंच सकते हैं। वहां से गुलमर्ग या पहलगाम के लिए कैब लेकर आप लंबे हाईवे ड्राइव से बच सकते हैं। जम्मू से अपनी गाड़ी से निकलने वाले लोग फ्यूल टैंक फुल रखें, कंट्रोल रूम का नंबर सेव करें और रेनकोट साथ रखें। शाम ढलते समय रामबन-बनिहाल सेक्टर में प्रवेश न करें और वापसी भी शाम से पहले शेड्यूल करें। थोड़ी सावधानी और फ्लेक्सिबल प्लान के साथ आप बिना किसी परेशानी के कश्मीर की वादियों का लुत्फ उठा सकते हैं।



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