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जन्माष्टमी 2026: दिल्ली-मथुरा में ट्रैफिक से कैसे बचें? व्रत के खाने और दर्शन के लिए ये है बेस्ट गाइड

जन्माष्टमी पर्व के साथ ही आज, 1 सितंबर से शोभा यात्राओं और सुरक्षा रिहर्सल के चलते सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, दोपहर 1 बजे से शाम 7 बजे तक निकलने वाली शोभा यात्रा के कारण डीबीजी (DBG) रोड और अजमल खान रोड पर गाड़ियों की आवाजाही प्रभावित रहेगी। इसके अलावा, मध्य दिल्ली के प्रमुख रास्तों पर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक ब्रिक्स (BRICS) मोटरकेड का रिहर्सल (ट्रायल) होगा। अगर आपको कोई जरूरी काम निपटाना है, तो सुबह-सुबह या शाम 7:30 बजे के बाद ही बाहर निकलें और इन रास्तों पर जाने से बचें। शाम तक मध्य और पश्चिमी दिल्ली में कई जगह रूट डायवर्ट रहेगा।

अगर आपका व्रत है, तो दिल्ली-एनसीआर (NCR) के रेस्टोरेंट्स में खास फलाहारी और सात्विक मेन्यू शुरू हो चुके हैं। ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन (ISKCON) मंदिर का 'गोविंदा' रेस्टोरेंट सात्विक और एकादशी थाली परोस रहा है, जहां शाम ढलते ही लाइनें लगने लगती हैं। इसके अलावा, सेलेक्ट सिटीवॉक के 'सात्विक', बीकानेरवाला के नवरात्र प्लैटर और हल्दीराम के आउटलेट्स पर भी व्रत थाली उपलब्ध है। अगर आप घर बैठे ऑर्डर करना चाहते हैं, तो 'व्रत भोग' जैसे क्लाउड किचन से फलाहारी कॉम्बो मंगा सकते हैं। मंदिर के आसपास पेमेंट के लिए ऑनलाइन UPI के साथ-साथ थोड़े छुट्टे पैसे (कैश) जरूर साथ रखें।

Janmashtami 2026 Guide: Delhi Traffic, Vrat Food, and Mathura-Vrindavan Travel Tips

मथुरा-वृंदावन: प्रसाद, खाने-पीने की जगहें और दर्शन का सही समय

3 से 5 सितंबर तक मथुरा-वृंदावन में प्रमुख मंदिरों के आसपास गाड़ियों की आवाजाही पर रोक रहेगी। अपनी गाड़ी छटीकरा स्थित मल्टी-लेवल पार्किंग में खड़ी करके आगे के सफर के लिए ई-रिक्शा लें। शाम की आरती के वक्त सबसे ज्यादा भीड़ जुटती है, इसलिए खाने-पीने या घूमने के लिए सुबह-सुबह या दोपहर का वक्त सबसे बेहतर रहेगा। शुद्ध और पारंपरिक मिठाइयों के लिए प्रशासन की आधिकारिक लिस्ट में शामिल दुकानों से ही खरीदारी करें, जैसे होली गेट के पास 'बृजवासी' और 'शंकर मिठाई वाला'। वहीं खरीदारी के लिए लोई बाजार बेहतरीन विकल्प है, जहां भगवान की पोशाकें, पीतल के बर्तन और पैक्ड प्रसाद मिलता है। डिस्प्ले बोर्ड पर लिखे रेट देखकर वजन के हिसाब से ही खरीदारी करें।

3-4 सितंबर: देर रात तक भोग और प्रसाद की व्यवस्था

वृंदावन के इस्कॉन स्थित कृष्ण-बलराम मंदिर में शुक्रवार, 4 सितंबर की रात भर कीर्तन चलेगा और आधी रात को जन्मोत्सव मनाया जाएगा। भीड़ से बचने और सही जगह पाने के लिए रात 9 से 10 बजे तक पहुंच जाएं, ताकि सिक्योरिटी चेकिंग आसानी से हो सके। वहीं बांके बिहारी मंदिर में जन्माष्टमी वाले दिन तड़के विशेष मंगला आरती और भोग का आयोजन होगा, जिसके लिए सुबह होने से पहले ही लाइनें लग जाती हैं। दिल्ली में ईस्ट ऑफ कैलाश इस्कॉन मंदिर में भी आधी रात को महाआरती होगी और देर रात तक प्रसाद काउंटर खुले रहेंगे। ध्यान रखें कि माखन-मिश्री, पंजीरी और पेड़े की मांग बहुत ज्यादा रहती है, इसलिए ये जल्दी खत्म हो सकते हैं।

लाइनों से बचने के हैक्स, पेमेंट, हाइजीन और आवाजाही के टिप्स

जहां मुमकिन हो, विशेष पूजा या सेवा की ऑनलाइन बुकिंग पहले से ही कर लें। प्रसाद काउंटरों पर पेमेंट के लिए यूपीआई (UPI) के साथ-साथ छोटे नोट (कैश) रखना न भूलें। हमेशा तय पार्किंग और अधिकृत ई-रिक्शा का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि 3 सितंबर से वृंदावन के मुख्य इलाके में निजी वाहनों की 'नो-एंट्री' रहेगी। पेड़ा हमेशा भरोसेमंद या लिस्टेड दुकानों से ही लें, उनके रेट बोर्ड और ताजगी जरूर जांचें। रास्तों पर खुली रखी मिठाइयां लेने से बचें। अगर व्रत रखा है, तो पानी और हल्का-फुल्का फलाहार साथ लेकर चलें। दर्शन के बाद जब भीड़ थोड़ी कम हो जाए, तभी बाहर निकलें।

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