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जन्माष्टमी 2026: मथुरा-वृंदावन में भारी ट्रैफिक पाबंदियां, घर से निकलने से पहले जानें रूट और पार्किंग का नया प्लान

जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मथुरा और वृंदावन के प्रमुख मंदिर मार्गों को पूरी तरह लॉक कर दिया गया है। 3 सितंबर की सुबह 8 बजे से 5 सितंबर की सुबह 9 बजे तक रूट डायवर्जन लागू रहेगा। प्रमुख रास्तों पर निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। छटीकरा-वृंदावन मार्ग पर मल्टी-लेवल पार्किंग से आगे कोई वाहन नहीं जा सकेगा। जन्मभूमि और बांके बिहारी मंदिर के पास जगह-जगह चेकिंग पॉइंट, बैरिकेड्स और केवल पैदल चलने के रास्ते बनाए गए हैं। अपना कीमती समय बचाने के लिए 'पार्क एंड वॉक' (गाड़ी पार्क कर पैदल चलने) वाले रास्तों का ही इस्तेमाल करें।

पुलिस ने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए मथुरा-वृंदावन क्षेत्र को 7 जोन और 35 सेक्टरों में बांटा है। भीड़ बढ़ने पर दोपहिया वाहनों, ई-रिक्शा और ऑटो पर भी पाबंदी बढ़ा दी जाएगी। भारी और व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग से डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है। जमीनी पुलिस बल के साथ-साथ सीसीटीवी और सोशल मीडिया के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। आधी रात को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय रातभर चेकिंग अभियान चलेगा। बैरिकेड्स के अंदर गाड़ी ले जाने की कोशिश करने के बजाय उनके बाहर ही सही समय पर पहुंचें।

Janmashtami 2026 Mathura Vrindavan Traffic Rules: Parking, Route Diversion, and Travel Guide

जन्माष्टमी पर ट्रैफिक पाबंदियां: डायवर्जन, पार्किंग और आवाजाही के नियम

मथुरा में मुख्य रूप से भूतेश्वर तिराहा, मसानी, डीग गेट, चौक बाजार, भरतपुर गेट, कृष्णा पुरी और स्टेट बैंक चौराहों पर ट्रैफिक पाबंदियां लागू हैं। बसें इंडस्ट्रियल एरिया और जयगुरुदेव मार्ग से चलाई जा रही हैं, जो माल गोदाम के पास रुकेंगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि जाने वाले श्रद्धालु अपनी गाड़ियां पीएमबी पॉलिटेक्निक, आईएसबीटी, रामलीला मैदान, जीआईसी, रेलवे ग्राउंड और मंडी पार्किंग में खड़ी कर सकते हैं। वहीं वृंदावन में छटीकरा मल्टी-लेवल पार्किंग (MLCP) से आगे प्रवेश पूरी तरह बंद है। गाड़ियों का दबाव बढ़ने पर वैष्णो देवी मंदिर और सुनरख रोड की पार्किंग का इस्तेमाल किया जाएगा। आखिरी रास्ते को पैदल ही तय करें।

दर्शन के लिए टिप्स: जन्मभूमि, बांके बिहारी और इस्कॉन मंदिर

बांके बिहारी मंदिर में आधी रात को भीतर अभिषेक होगा, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन तड़के करीब 2 बजे से सुबह 6 बजे तक खुलेंगे। केवल जन्माष्टमी पर होने वाली प्रसिद्ध मंगला आरती तड़के लगभग 3:30 बजे होगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि में सामान्य तौर पर सुबह 5 से दोपहर 12 बजे और शाम 4 से रात 9:30 बजे तक दर्शन होते हैं, लेकिन त्योहार पर इसमें बदलाव हो सकता है। इस्कॉन कृष्ण बलराम मंदिर में सुबह का सत्र तड़के लगभग 4:10 बजे शुरू होगा, जहां आधी रात को भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। 5 सितंबर की भोर (सुबह होने से पहले) का समय दर्शन के लिए थोड़ा शांत और सुगम हो सकता है।

आज मथुरा-वृंदावन कैसे पहुंचे?

निजी कार के बजाय मथुरा जंक्शन के लिए ट्रेन या यूपीएसआरटीसी (UPSRTC) की बसों का सफर ज्यादा बेहतर रहेगा। अगर आप अपनी गाड़ी से ही जा रहे हैं, तो आईएसबीटी, माल गोदाम, मंडी या शहर के बाहरी पार्किंग स्थलों पर गाड़ी खड़ी करें और बैरिकेड वाले रास्तों पर पैदल ही आगे बढ़ें। वृंदावन में छटीकरा एमएलसीपी (MLCP) से आगे नो-एंट्री है। किसी भी तरह की मदद के लिए 112 पर कॉल करें और लाइव अपडेट्स व मैप्स के लिए @mathurapolice और @mathuratraffic के सोशल मीडिया हैंडल फॉलो करें।

अपने साथ पीने का पानी, हल्का बैग और एक सरकारी पहचान पत्र जरूर रखें। बुजुर्गों को हेल्प डेस्क के पास ही रखें। आधी रात की जबरदस्त भीड़ में फंसने के बजाय अलग-अलग समय पर दर्शन की योजना बनाएं। जन्मभूमि, बांके बिहारी और इस्कॉन मंदिर में लंबी कतारें मिल सकती हैं, इसलिए बैरिकेड्स के निर्देशों का पालन करें। शुक्रवार सुबह तक रूट डायवर्जन लागू रहने के कारण सही जगह पार्किंग करना, समय से पहले निकलना और धैर्यपूर्वक पैदल चलना ही आपकी यात्रा को सुगम बनाएगा।

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