अगर आप दिल्ली-एनसीआर से इस वीकेंड नैनीताल या कैंची धाम जाने की योजना बना रहे हैं, तो ध्यान दें। कैंची धाम मंदिर के पास आज सिर्फ शटल से ही एंट्री मिलेगी। नैनीताल पुलिस ने 13 और 14 सितंबर के फेस्टिवल-वीकेंड को ध्यान में रखते हुए भवाली, भीमताल और कैंची इलाके में ट्रैफिक प्लान लागू कर रखा है। श्रद्धालुओं को अपनी गाड़ियां तय पार्किंग में खड़ी कर मंदिर तक जाने के लिए शटल बसें पकड़नी होंगी। एनएच 109 पर मंदिर वाला हिस्सा काफी संकरा है, जिससे भारी जाम लगता है। लंबे जाम से बचने के लिए निकलने से पहले ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर चेक कर लें।
पुलिस का यह आदेश भवाली-भीमताल-कैंची कॉरिडोर पर लागू है। वीकेंड और गणेश चतुर्थी की वजह से आज यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आश्रम के आसपास जाम न लगे, इसके लिए वीकेंड पर मंदिर के पास टैक्सियों और टू-व्हीलर्स की एंट्री पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, पहाड़ी रास्तों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान बनाने के लिए भारी वाहनों को एनएच 109 से हटाकर रामगढ़ और मुक्तेश्वर के रास्ते डायवर्ट किया जा रहा है।

कैंची धाम में आज ऐसा रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन
भीमताल के रास्ते आने वाले निजी वाहनों को 'भीमताल विकास भवन' पार्किंग में रोकना होगा। यहां से कैंची धाम के लिए शटल सेवाएं मिलेंगी। वहीं, नैनीताल-गेठिया या ज्यॉलिकोट की तरफ से आने वाली गाड़ियों को 'भवाली सैनिटोरियम' में पार्क कराया जा रहा है, जहां से श्रद्धालु शटल लेकर मंदिर तक पहुंच सकते हैं। इस पार्क-एंड-राइड व्यवस्था से पीक दर्शन के समय कैंची पुल और बाजार के मोड़ों पर लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिल रही है।
कैंची धाम के पास पार्किंग और शटल रूट लिस्ट
नीचे दी गई तालिका से समझिए कि गाड़ियों को कहां पार्क करना है और शटल कहां से मिलेगी। सड़कों पर ट्रैफिक मार्शल कतारों को संभाल रहे हैं और गाड़ियों को रुकने दिए बिना निकाला जा रहा है ताकि मंदिर के मोड़ पर जाम न लगे। पुलिस के निर्देशों का पालन जरूर करें; सड़क किनारे गाड़ी पार्क करने पर चालान काटा जाएगा। वहीं, बीच रास्ते में किसी को उतारने से पूरी घाटी में जाम की स्थिति बन सकती है।
| आने का रास्ता | तय पार्किंग | शटल पिक-अप पॉइंट | जरूरी जानकारी |
|---|---|---|---|
| भीमताल के रास्ते | भीमताल विकास भवन | विकास भवन पार्किंग परिसर के अंदर से | कैंची धाम के लिए सीधी शटल बसें |
| नैनीताल/गेठिया/ज्यॉलिकोट के रास्ते | भवाली सैनिटोरियम | सैनिटोरियम परिसर के सामने से | मंदिर वाले रास्ते पर केवल शटल सेवा |
हल्द्वानी से पहाड़ों तक जाने के वैकल्पिक रास्ते
अगर भवाली में गाड़ियों का दबाव बढ़ता है, तो आप रामगढ़-मुक्तेश्वर वाले रास्ते का इस्तेमाल करके खूटानी या भीमताल पहुंच सकते हैं और फिर अपने आगे के सफर पर निकल सकते हैं। ज्यादा ट्रैफिक वाले दिनों में पुलिस भारी वाहनों को भी इसी रास्ते से भेजती है। दिल्ली से आने वाले चालक लाइव ट्रैफिक और बारिश के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए कालाढूंगी-नैनीताल-भवाली या फिर हल्द्वानी-भीमताल-भवाली का रास्ता चुन सकते हैं।
दिल्ली-हल्द्वानी-भवाली: आज का ट्रैवल टाइम और बस टाइमिंग
दिल्ली से कार द्वारा एनएच 9 होकर हल्द्वानी पहुंचने में करीब 6 से 7 घंटे का समय लगता है। इसके बाद हल्द्वानी से भवाली जाने में 60 से 90 मिनट और लगेंगे। आनंद विहार से हल्द्वानी के लिए आज की सीधी बसों का समय रात 12:35 बजे, सुबह 10:55 बजे, सुबह 11:30 बजे और दोपहर 12:05 बजे दिखा रहा है; हालांकि टिकट बुक करने से पहले उत्तराखंड परिवहन के पोर्टल पर समय की दोबारा जांच जरूर कर लें। लाइव अपडेट्स के लिए एक्स (X) पर नैनीताल पुलिस को फॉलो करें।
जाम से बचना चाहते हैं तो सुबह 8 बजे से पहले या दोपहर 3 बजे के बाद पहुंचने का प्लान बनाएं। इस दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ थोड़ी कम होती है और शटल की लाइनें भी छोटी रहती हैं। कल देर सुबह हल्द्वानी से कैंची धाम के बीच यात्रियों को काफी लंबे जाम का सामना करना पड़ा था। मानसून के इस मौसम और त्योहारी सीजन को देखते हुए गूगल मैप्स ऑन रखें, रास्ते के लिए पानी व स्नैक्स साथ रखें और शटल के इंतजार के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें।



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