क्या आप इस वीकेंड शिमला जाने की योजना बना रहे हैं? अगर हां, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। 2 सितंबर को मिली जानकारी के मुताबिक, कालका-शिमला टॉय ट्रेन सेवाएं 11 सितंबर तक के लिए निलंबित कर दी गई हैं। दरअसल, 30 अगस्त को हुई भारी बारिश के कारण ब्रिज नंबर 57 के पास एक पुलिया (कलवर्ट) बह गई थी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित ट्रेनों में कालका-शिमला एक्सप्रेस, शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस और हिमालयन क्वीन शामिल हैं। यूनेस्को की इस विश्व धरोहर नैरो-गेज ट्रैक पर मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में वीकेंड पर पहाड़ों का रुख करने वाले यात्री उसी हिसाब से अपना ट्रैवल प्लान बदल लें।
ट्रेनों के कैंसिलेशन को लेकर अब नया अपडेट सामने आया है। कुछ रूट पर चुनिंदा टॉय ट्रेन सेवाएं 13 सितंबर तक रद्द रहेंगी। कोटी और गुम्मन के बीच भूस्खलन की वजह से रेलवे ट्रैक हवा में लटक गया है। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती व्यवधान के दौरान 400 से ज्यादा यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। वीकेंड यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे रेलवे के ताजा अपडेट्स पर नजर बनाए रखें और फिलहाल बस या बाय-रोड शिमला पहुंचने का विकल्प चुनें।

कालका-शिमला टॉय ट्रेन बंद: NH44-NH5 के जरिए समझें सबसे सुरक्षित सड़क मार्ग
अगर आप दिल्ली से अपनी गाड़ी से जा रहे हैं, तो NH44 से होते हुए चंडीगढ़ और फिर NH5 से शिमला पहुंच सकते हैं। कोशिश करें कि सफर दिन के उजाले में ही तय हो, खासकर परवाणू-सोलन, चक्की मोड़ और सोलन बायपास वाले हिस्सों में, क्योंकि ये इलाके लैंडस्लाइड-प्रोन (भूस्खलन संभावित) हैं। ब्रेक के साथ पहुंचने में लगभग 7 से 9 घंटे का समय लग सकता है। ध्यान रखें कि NH44 पर जगह-जगह स्पीड कैमरे लगे हैं। सोलन के आगे तीखे मोड़ों (हेयरपिन बैंड्स) के कारण ट्रैफिक धीमा हो जाता है। दोपहर तक पहुंचने के लिए सूरज निकलने से पहले ही निकल जाना बेहतर होगा। वैसे सितंबर और अक्टूबर के महीनों में मानसून के बाद आसमान साफ रहता है।
कालका-शिमला टॉय ट्रेन: बस, वोल्वो और फटाफट टैक्सी के बेस्ट ऑप्शन
ट्रेन सेवाएं ठप होने पर HRTC और पार्टनर वोल्वो बसें दिल्ली-शिमला और चंडीगढ़-शिमला रूट के लिए सबसे भरोसेमंद जरिया हैं। दिल्ली के कश्मीरी गेट से सुबह और देर रात को बसें मिलती हैं, जो शिमला पहुंचने में 9 से 10 घंटे का वक्त लेती हैं। वहीं चंडीगढ़ के सेक्टर 43 से लगभग हर घंटे बसें चलती हैं और करीब 4 घंटे में शिमला पहुंचा देती हैं। अगर टैक्सी की बात करें तो चंडीगढ़ से एक तरफ का किराया ₹1,500 से ₹3,300 और दिल्ली से ₹4,500 से ₹8,500 के बीच रहता है। अचानक बुकिंग की जरूरत पड़ने पर कश्मीरी गेट और हिमाचल भवन स्थित एडवांस HRTC काउंटरों से टिकट ले सकते हैं।
| सवारी/साधन | कहां से | औसत समय | अनुमानित किराया | खास बातें |
|---|---|---|---|---|
| वोल्वो बस | दिल्ली कश्मीरी गेट | 9–10 घंटे | ₹1,000–₹1,200 | सुबह और देर रात के स्लॉट |
| वोल्वो बस | चंडीगढ़ ISBT–43 | 3.5–4.5 घंटे | ₹400–₹700 | दिन में कई बसें उपलब्ध |
| टैक्सी | दिल्ली | 8–10 घंटे | ₹4,500–₹8,500 | तेज और डोर-टू-डोर सर्विस |
| टैक्सी | चंडीगढ़ | 3–4.5 घंटे | ₹1,500–₹3,300 | सफर के लिए सबसे तेज विकल्प |
कालका-शिमला टॉय ट्रेन: IRCTC रिफंड और रीशेड्यूल करने का आसान तरीका
रद्द हुई ट्रेनों के ई-टिकट का रिफंड अपने आप (ऑटोमैटिक) आ जाता है। इसे खुद मैनुअली कैंसल न करें, पैसा सीधे आपके अकाउंट में वापस आ जाएगा। हालांकि, अगर कोई ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट या रीशेड्यूल होती है और आप यात्रा नहीं करते हैं, तो ट्रेन के प्रस्थान समय से पहले ऑनलाइन TDR फाइल कर दें। वहीं काउंटर से ली गई टिकटों का पूरा रिफंड 3 दिनों के भीतर PRS काउंटर से मिल जाता है। ई-टिकट रिफंड के लिए 'Booked Tickets' पर जाएं, PNR चुनें, 'File TDR' ऑप्शन पर क्लिक करें और सबमिट कर दें।
कालका-शिमला टॉय ट्रेन: होटल रीबुकिंग और शिमला जाने वाले यात्रियों के लिए सेफ्टी टिप्स
होटल में अपनी बुकिंग की तारीखों को 12-13 सितंबर या 19-20 सितंबर तक आगे बढ़ाने का अनुरोध करें। यह समय टॉय ट्रेन के मरम्मत कार्य के हिसाब से सही रहेगा। साथ ही मानसून की वजह से आ रही परेशानियों का हवाला देकर होटल प्रबंधन से थोड़ी लचीलापन (फ्लेक्सिबिलिटी) बरतने की गुजारिश करें। शिमला में हमेशा दिन के उजाले में प्रवेश करें, गाड़ी में पर्याप्त फ्यूल रखें और साथ में स्नैक्स व पानी जरूर लेकर चलें। स्थानीय पुलिस और HRTC के अपडेट्स पर नजर रखें, वहीं नेशनल हाईवे से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में NHAI की हेल्पलाइन 1033 पर कॉल करें।



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