सावन का पवित्र महीना आज से शुरू हो गया है और इसके साथ ही वाराणसी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर (SKVT) प्रशासन ने 28 अगस्त तक वीआईपी (VIP) और प्रोटोकॉल दर्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि इस पावन महीने में हर भक्त को बाबा के दर्शन का बराबर मौका मिल सके। अब सभी श्रद्धालुओं को महादेव के दर्शन के लिए सामान्य कतार का ही पालन करना होगा।
लाखों की भीड़ को मैनेज करने के लिए यह पाबंदी 30 जुलाई से प्रभावी होगी और पूरे महीने जारी रहेगी। इसमें सावन के चारों सोमवार भी शामिल हैं, जो 3, 10, 17 और 24 अगस्त को पड़ रहे हैं। इन खास दिनों पर भारी भीड़ रहने की उम्मीद है, इसलिए अगर आप लंबी लाइनों से बचना चाहते हैं, तो सुबह जल्दी दर्शन करने का प्लान बनाएं।

काशी विश्वनाथ दर्शन का समय और कतार की व्यवस्था
अगर आप 5-5 घंटे लंबी लाइनों में नहीं फंसना चाहते, तो सुबह 4 बजे से 6 बजे के बीच मंदिर पहुंचना सबसे अच्छा रहेगा। श्रद्धालुओं के लिए सरस्वती फाटक और गंगा व्यू गैलरी जैसे खास गेटों से एंट्री की व्यवस्था की गई है। मंदिर कॉरिडोर देर रात तक खुला रहता है, लेकिन शाम की आरती के समय सबसे ज्यादा भीड़ जुटती है। अपनी यात्रा को मुख्य अनुष्ठानों के समय के अनुसार प्लान करें ताकि आपका अनुभव सुखद रहे।
काशी विश्वनाथ धाम (KVD) कॉरिडोर में भीड़ को संभालने के लिए 'स्मार्ट क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम' का इस्तेमाल किया जा रहा है। गोदौलिया चौराहे के पास पैदल चलने वालों और गाड़ियों के लिए अलग-अलग लेन बनाई गई हैं। सुरक्षाकर्मी ऑटोमेटेड काउंटर्स के जरिए रियल-टाइम भीड़ पर नजर रख रहे हैं। भक्त मंदिर परिसर में प्रवेश करने से पहले डिजिटल बोर्ड पर कतार की लाइव स्थिति भी चेक कर सकते हैं।
ट्रैफिक एडवाइजरी और सावन के मुख्य सोमवार
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मैदागिन और गोदौलिया के आसपास गाड़ियों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। पार्किंग की व्यवस्था कॉरिडोर के प्रवेश द्वार से दूर तय जगहों पर की गई है। प्रशासन ने सलाह दी है कि भीड़ वाले समय में ई-रिक्शा का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, वाराणसी जंक्शन (BSB) रेलवे स्टेशन से मंदिर के बाहरी इलाके तक अतिरिक्त शटल सेवाएं भी चलाई जाएंगी।
| तारीख | अवसर |
|---|---|
| 3 अगस्त | सावन का पहला सोमवार |
| 10 अगस्त | सावन का दूसरा सोमवार |
| 17 अगस्त | सावन का तीसरा सोमवार |
| 24 अगस्त | सावन का चौथा सोमवार |
वाराणसी आने से पहले मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने ई-टोकन की जांच जरूर कर लें। सुरक्षा जांच में तेजी लाने के लिए भारी बैग या इलेक्ट्रॉनिक सामान साथ न लाने की सलाह दी गई है। इन नियमों का पालन करने से न केवल सावन की यात्रा की मर्यादा बनी रहेगी, बल्कि आप शांति और सुकून के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर सकेंगे।



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