महाराष्ट्र में आज से त्योहारों का सीजन शुरू हो गया है और इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग भी एक्शन मोड में नजर आ रहा है। राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पूरे साल चलने वाला 'फेस्टिवल एनफोर्समेंट कैलेंडर' जारी किया है। इसके तहत मुंबई और पुणे में मिठाई, डेयरी प्रोडक्ट्स और खाने के तेल के दुकानदारों पर अचानक छापेमारी की जाएगी। एफडीए कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने मिलावटखोरी पर सख्त संदेश देते हुए कहा, "भारत में पहली बार फूड सेफ्टी को लेकर इतना व्यापक फेस्टिवल एनफोर्समेंट कैलेंडर लागू किया जा रहा है।"
नए दिशानिर्देशों के तहत, जांच टीमें त्योहार शुरू होने से 21 दिन पहले अपनी तैयारी शुरू करेंगी और त्योहार खत्म होने के 30 दिन बाद तक चेकिंग अभियान चलाएंगी। इस दौरान दूध, मावा, पनीर, घी, खाने का तेल, मिठाइयां, ड्राई फ्रूट्स और फलाहार के सामान पर पैनी नजर रखी जाएगी। मिठाइयां या समोसे तलने में इस्तेमाल हो चुके तेल में 'टोटल पोलर कंपाउंड्स' 25 फीसदी से अधिक पाए जाने पर कार्रवाई होगी। सार्वजनिक पंडालों और सामुदायिक भोजों में केवल लाइसेंसधारी कैटरर्स का खाना ही दिया जाएगा, जिसकी जानकारी पहले देनी होगी। वहीं, ऑन-द-स्पॉट जांच के लिए दुकानों के बाहर मोबाइल टेस्टिंग वैन तैनात रहेंगी।

Maharashtra FDA festival food-safety drive: what teams check now
खाद्य सुरक्षा निरीक्षक दुकानों और बिलों पर दर्ज FSSAI लाइसेंस नंबर के साथ-साथ 'फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड' की जांच कर रहे हैं। 2011 के नियमों के नियम 2.4 के तहत अधिकारी मौके से ही सीलबंद और कोडेड सैंपल ले रहे हैं, जिसके लिए फॉर्म VI का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन सैंपल्स को दो हिस्सों में बांटकर, दस्तखत के साथ सील किया जाता है और जांच के लिए अधिकृत लैब्स में भेजा जाता है। इसके अलावा अफसर FoSCoS रिकॉर्ड्स, पैकेजिंग लेबल पर जरूरी जानकारियों और लीगल मेट्रोलॉजी के नियमों की भी पड़ताल कर रहे हैं।
Surprise checks in Mumbai–Pune markets today
आज से भीड़ बढ़ने के साथ ही प्रमुख पंडालों और बाजारों के आसपास चेकिंग अभियान तेज कर दिया गया है। मुंबई में दादर के फूल और मिठाई बाजार, लालबाग-परेल बेल्ट और गिरगांव के इलाकों में खाद्य सुरक्षा टीमें गश्त कर रही हैं। वहीं पुणे में लक्ष्मी रोड से तुलसीबाग के बीच चेकिंग तेज कर दी गई है। गणेशोत्सव के दौरान इन इलाकों में सबसे ज्यादा खरीदारी और भीड़ होती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर यहां हाइजीन और सैंपलिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Quick tests for khoya, ghee, colours
खरीदारी करने से पहले आप खुद भी कुछ आसान तरीकों से खाने-पीने की चीजों की शुद्धता जांच सकते हैं। खोया या पनीर की जांच के लिए उसका एक छोटा टुकड़ा पानी में उबालें, ठंडा होने दें और फिर उसमें टिंक्चर आयोडीन की दो बूंदें डालें; अगर रंग नीला पड़ता है तो समझें इसमें स्टार्च (मांड) मिलाया गया है। ज्यादा चमकीली मिठाइयों पर गीली रुई रगड़ें; अगर रुई पर रंग चढ़ता है तो ऐसी मिठाइयों से दूर रहें। FSSAI ने घी में वनस्पति तेल की मिलावट पकड़ने के लिए भी तेजाब और चीनी के इस्तेमाल का एक आसान घरेलू तरीका साझा किया है।
Consumer checklist and how to report
सामान हमेशा वहीं से खरीदें जहां FSSAI का लोगो और 14 अंकों का लाइसेंस नंबर साफ दिखे। साफ-सुथरे काउंटर, ढकी हुई मिठाइयां, डेयरी के लिए कोल्ड स्टोरेज और पक्के बिल की मांग जरूर करें। अगर आपको कहीं मिलावटी या असुरक्षित खाना दिखता है, तो महाराष्ट्र FDA के पोर्टल पर या FSSAI के फूड सेफ्टी कनेक्ट हेल्पलाइन नंबर 1800-11-2100 पर शिकायत दर्ज कराएं। पैक्ड सामान पर तय कीमत से ज्यादा दाम वसूलने की स्थिति में बिल और फोटो के साथ लीगल मेट्रोलॉजी और नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर 1915 पर संपर्क करें।



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