भगवान शिव के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में होने वाली प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। इस साल यह पवित्र यात्रा 25 अगस्त से शुरू होकर 19 सितंबर तक चलेगी। हर साल हजारों श्रद्धालु शांति और पुण्य की तलाश में इस पवित्र झील के दर्शन करने पहुंचते हैं, जिसके लिए अब ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य है।
भीड़ को नियंत्रित करने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए हिमाचल सरकार ने इस बार श्रद्धालुओं की संख्या तय कर दी है। अब हर दिन हड़सर के रास्ते केवल 5,000 श्रद्धालु ही पवित्र झील की ओर जा सकेंगे। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने कुगती मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी यात्रा का प्लान इन नियमों और तय सीमा को ध्यान में रखकर ही बनाएं।

मणिमहेश यात्रा 2026: ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आपको बिना देरी किए हिमाचल प्रदेश के आधिकारिक पिलग्रिमेज पोर्टल पर जाना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान एक वैध पहचान पत्र और नया मेडिकल सर्टिफिकेट अपलोड करना जरूरी है। चूंकि यह झील 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, इसलिए श्रद्धालुओं का शारीरिक रूप से फिट होना अनिवार्य है। आखिरी समय की तकनीकी दिक्कतों या स्लॉट फुल होने से बचने के लिए अपना पंजीकरण जल्द से जल्द पूरा कर लें।
| खास बातें | विवरण |
|---|---|
| यात्रा की तारीखें | 25 अगस्त से 19 सितंबर, 2026 |
| प्रतिदिन की सीमा | 5,000 श्रद्धालु प्रतिदिन |
| मुख्य मार्ग | केवल हड़सर से भरमौर |
| बंद मार्ग | कुगती पास प्रतिबंधित |
श्रद्धालु ट्रेन या बस के जरिए पहले पठानकोट या चंबा पहुंच सकते हैं। यहां से भरमौर कैंप के लिए सीधी टैक्सी और स्थानीय बसें आसानी से मिल जाती हैं। रुकने के लिए वहां कई होटल और धर्मशालाएं उपलब्ध हैं। हालांकि, यात्रा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए ठहरने की व्यवस्था पहले से बुक करना ही समझदारी होगी।
मणिमहेश यात्रा 2026: सुरक्षा के लिए इन बातों का रखें खास ख्याल
चंबा के पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान अचानक भूस्खलन (landslides) का खतरा बना रहता है। इसलिए यात्री अपने साथ भारी गर्म कपड़े और ट्रेकिंग के लिए मजबूत जूते व जरूरी सामान जरूर रखें। खड़ी चढ़ाई शुरू करने से पहले आधिकारिक मौसम पूर्वानुमान जरूर चेक कर लें। ध्यान दें कि सुरक्षा कारणों से श्रीखंड महादेव यात्रा फिलहाल स्थगित रखी गई है।
मणिमहेश की यह यात्रा हर शिव भक्त के लिए एक गहरा आध्यात्मिक अनुभव लेकर आती है। अपनी सुरक्षा के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर हमेशा पास रखें और सरकारी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें। सही प्लानिंग के साथ आप इस पावन मणिमहेश झील के दर्शन को सफल बना सकते हैं। उत्तर भारत की आस्था में इस वार्षिक यात्रा का एक विशेष स्थान है।



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