क्या आज आपका नीलगिरी जाने का प्लान है? रविवार को कल्हट्टी घाट पर गाड़ियों की तय सीमा पार होने के बाद प्रशासन अब ट्रैफिक को गुदालूर के रास्ते डाइवर्ट कर रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने आज, 15 सितंबर को ऊटी में भारी बारिश का अनुमान जताया है। ऐसे में घाटों पर चढ़ाई धीमी रहेगी, घना कोहरा मिलेगा और चेकपॉइंट्स पर लंबी कतारें लग सकती हैं। मैसूर या कोयंबटूर से निकलने से पहले अपनी यात्रा में थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर चलें।
मद्रास हाई कोर्ट ने मसिनागुड़ी-कल्हट्टी चढ़ाई पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच केवल 200 पर्यटक वाहनों को ही जाने की अनुमति दी है। 14 सितंबर को यह लिमिट महज एक घंटे के भीतर ही पूरी हो गई थी, जिसके बाद इंतजार कर रही गाड़ियों को गुदालूर की तरफ मोड़ दिया गया। जिला प्रशासन के निर्देशों के मुताबिक, कल्हट्टी रूट पर आम पर्यटकों की एंट्री पर फिलहाल रोक है, केवल एंट्री पास वाले स्थानीय निवासियों को ही छूट दी जा रही है। इसलिए हर चेकपॉइंट पर सख्त चेकिंग की उम्मीद रखें।

गुदालूर, कुन्नूर और कोतागिरि होकर डाइवर्टेड रूट: अभी ये हैं सबसे तेज रास्ते
| रूट | खास बातें और टिप्स |
|---|---|
| बेंगलुरु → मैसूर → गुंडलुपेट → बांदीपुर → थेप्पाकाडू → गुदालूर → ऊटी (NH 275/766/181) | दिन के समय यह सबसे सीधा और खुला रास्ता है। ध्यान रखें कि बांदीपुर रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहता है, इसलिए सुबह जल्दी निकलें। |
| कोयंबटूर → मेट्टुपलायम → कुन्नूर → ऊटी (NH 181) | कम ढलान और बेहतर सुविधाओं के कारण यह आमतौर पर सबसे तेज चढ़ाई वाला रास्ता है। हालांकि खराब मौसम में रास्ते बंद होने की स्थिति पर नजर रखें। |
| कोयंबटूर → मेट्टुपलायम → कोतागिरि → ऊटी (SH 15) | यह रास्ता थोड़ा लंबा जरूर है, लेकिन शांत और कम ट्रैफिक वाला है। कुन्नूर वाले रूट पर जाम होने पर यह सबसे बेहतरीन विकल्प है। |
NMR टॉय-ट्रेन टाइमिंग और बारिश में लेट-लतीफी से बचने के टिप्स
नीलगिरी माउंटेन रेलवे (NMR) की टॉय-ट्रेनें रोजाना चल रही हैं। ऊटी-कुन्नूर स्पेशल ट्रेन सेवा को 5 अक्टूबर 2026 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। सुबह चलने वाली ट्रेनों पर मौसम का असर कम पड़ता है, जबकि दोपहर में लौटने वाली ट्रेनें मानसून की बारिश के कारण लेट हो सकती हैं। स्टेशन निकलने से पहले NTES ऐप या IRCTC पर ट्रेन स्टेटस जरूर चेक कर लें। ट्रेन रद्द होने पर ई-टिकट का रिफंड अपने आप आ जाता है। सीटें सीमित हैं, इसलिए समय रहते बुकिंग कर लें।
एंट्री के नियम, पार्किंग जाम और जाने का सबसे सही समय
नीलगिरी में गाड़ियों की एंट्री के लिए ई-पास (e-pass) अनिवार्य कर दिया गया है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट से पास के लिए अप्लाई करें और साथ में आईडी प्रूफ जरूर रखें। चेकपोस्ट पर छोटा 'ग्रीन टैक्स' भी लिया जाता है। चारिंग क्रॉस, बोट हाउस और डोडाबेट्टा के पास भारी ट्रैफिक मिल सकता है, क्योंकि भीड़ वाले दिनों में दोपहर होने से पहले ही पार्किंग फुल हो जाती है। कोशिश करें कि सुबह 9:30 बजे से पहले व्यू-पॉइंट्स पहुंच जाएं और दोपहर के खाने के बाद लेक साइड का रुख करें।
बारिश में ड्राइविंग सेफ्टी: कोहरा, खतरनाक मोड़ और ब्रेक चेकिंग
पहाड़ों से उतरते समय गाड़ी को छोटे गियर में रखें और इंजन-ब्रेकिंग का इस्तेमाल करें। खासकर हेयरपिन बैंड (अत्यधिक घुमावदार मोड़ों) पर गाड़ी को कभी भी न्यूट्रल में न चलाएं। कोहरे में हेडलाइट्स को हमेशा लो-बीम पर रखें, आगे चल रही गाड़ी से दूरी बनाकर रखें और अचानक ब्रेक या स्टेयरिंग मोड़ने से बचें। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे 36 हेयरपिन मोड़ वाले कल्हट्टी रूट से नीचे उतरने से बचें और गुदालूर वाले रास्ते का ही इस्तेमाल करें। चढ़ाई शुरू करने से पहले मेट्टुपलायम या थेप्पाकाडू में गाड़ी के टायर, वाइपर और ब्रेक की जांच जरूर करा लें।



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