आज 2 अगस्त को ऊटी जाने वाले पर्यटकों के लिए एक जरूरी खबर है। खतरनाक कलहट्टी घाट (Kalhatty Ghat) पर बाहरी गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने मसिनागुड़ी-कलहट्टी शॉर्टकट का इस्तेमाल करने से गैर-स्थानीय टूरिस्ट वाहनों को मना किया है। अब बेंगलुरु और मैसूर से आने वाले यात्रियों को गुडलूर (Gudalur) वाले रास्ते से जाना होगा। मानसून की भारी बारिश को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया गया है।
कलहट्टी रोड अपने 36 खतरनाक हेयरपिन बेंड्स (मोड़ों) के लिए मशहूर है। बारिश में फिसलन भरी ढलानों पर हादसों को रोकने के लिए इसे बाहरी कारों के लिए बंद रखा गया है। हालांकि, स्थानीय गाड़ियों और निवासियों को कड़ी जांच के बाद आने-जाने की अनुमति है। मसिनागुड़ी चेकपॉइंट पर पहुंचने वाली टूरिस्ट कारों को अब गुडलूर की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है।

वैकल्पिक रास्ते और ऊटी कलहट्टी घाट के लिए जरूरी गाइडलाइंस
इस बारिश के मौसम में जिला प्रशासन के लिए पर्यटकों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। गुडलूर वाला रास्ता काफी चौड़ा है और मानसून के भारी ट्रैफिक के लिए ज्यादा बेहतर है। भले ही इस रास्ते से सफर में थोड़ा ज्यादा समय लगे, लेकिन ऊटी की चढ़ाई के लिए यह काफी सुरक्षित है। दोनों रास्तों के बीच अंतर समझने के लिए नीचे दी गई टेबल देख सकते हैं।
| खासियत | कलहट्टी रूट | गुडलूर रूट |
|---|---|---|
| एंट्री का स्टेटस | पर्यटकों के लिए बंद | सबके लिए खुला |
| सड़क सुरक्षा | खतरनाक मोड़ (हाई-रिस्क) | सुरक्षित और चौड़ा रास्ता |
| अतिरिक्त दूरी | 0 किलोमीटर | 30 किलोमीटर |
नीलगिरी जिले में प्रवेश करने से पहले पर्यटकों के लिए ई-पास (e-pass) लेना अनिवार्य है। इस डिजिटल परमिट की मदद से अधिकारी पर्यटकों की भीड़ और ट्रैफिक पर नजर रखते हैं। आप तमिलनाडु (TN) सरकार के आधिकारिक ई-पास पोर्टल के जरिए यह पास हासिल कर सकते हैं। सफर के दौरान किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए अपने पास ई-पास की डिजिटल कॉपी जरूर रखें।
मानसून में सुरक्षा और ऊटी गुडलूर रूट के लिए चेकलिस्ट
जंगल के चेक-पोस्ट पार करने के लिए समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। बांदीपुर और मुदुमलई फॉरेस्ट गेट रोजाना रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहते हैं। अपनी यात्रा की प्लानिंग इस तरह करें कि आप गेट बंद होने से काफी पहले वहां पहुंच जाएं। मानसून की भारी बारिश की वजह से अक्सर अचानक देरी हो सकती है या विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो जाती है।
लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड (भूस्खलन) का खतरा बढ़ गया है। घुमावदार पहाड़ी रास्तों पर गाड़ी सावधानी से चलाएं और स्पीड लिमिट का पूरा पालन करें। खड़ी चढ़ाई के लिए सुनिश्चित करें कि आपकी गाड़ी एकदम दुरुस्त स्थिति में हो। थोड़ी सी सावधानी और सही प्लानिंग के साथ आप पहाड़ों में अपना वीकेंड सुरक्षित और सुखद बना सकते हैं।



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