15 सितंबर 2026 से थाईलैंड भारतीय पर्यटकों के लिए वीजा-फ्री स्टे की अवधि 60 दिनों से घटाकर 30 दिन करने जा रहा है। थाईलैंड के गृह मंत्रालय ने 'रॉयल गजट' में अधिसूचना जारी कर 2024 के पुराने नियमों की जगह नया नियम लागू किया है। भारतीय यात्रियों के लिए वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा जारी रहेगी, लेकिन वे अब वहां कम समय रुक सकेंगे। अगर आप मानसून के आखिरी दिनों या त्योहारों के सीजन में थाईलैंड यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अपनी फ्लाइट्स, होटल बुकिंग और आगे के प्लान अभी से चेक कर लें।
अगर आप 15 सितंबर से पहले थाईलैंड में एंट्री करते हैं, तो आपको पासपोर्ट पर 60 दिनों की ही स्टैम्प मिलेगी और वह तय तारीख तक मान्य रहेगी। हालांकि, 15 सितंबर या उसके बाद दोबारा एंट्री करने पर सिर्फ 30 दिनों की अनुमति मिलेगी। जमीन या समंदर के रास्ते बिना वीजा एंट्री एक कैलेंडर साल में केवल दो बार ही की जा सकती है। ऐसे में बार-बार बॉर्डर पार करके स्टे पीरियड बढ़ाने के चक्कर में न पड़ें।

थाईलैंड में वीजा-फ्री स्टे बढ़ाने का तरीका: जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया
क्या आप 30 दिनों से ज्यादा रुकना चाहते हैं? इसके लिए आप लोकल इमिग्रेशन ब्यूरो में जाकर एक बार 30 दिनों के एक्सटेंशन का आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको TM.7 फॉर्म, एक पासपोर्ट साइज फोटो, ओरिजिनल पासपोर्ट और थाईलैंड में रुकने का एड्रेस प्रूफ जमा करना होगा। इसकी सरकारी फीस 1,900 बाहत (baht) है, जो आमतौर पर कैश में देनी होती है। इमिग्रेशन दफ्तरों में अक्सर भारी भीड़ रहती है, इसलिए ऑनलाइन या व्यक्तिगत रूप से पहले ही स्लॉट बुक कर लें।
थाईलैंड में ओवरस्टे करने पर भारी जुर्माना: भारतीय यात्री इन गलतियों से बचें
तय सीमा से ज्यादा रुकना न सिर्फ महंगा पड़ सकता है, बल्कि इसमें कानूनी जोखिम भी है। अगर आप एयरपोर्ट या बॉर्डर पर खुद ओवरस्टे की जानकारी देते हैं, तो प्रति दिन 500 बाहत का जुर्माना लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 20,000 बाहत है। ज्यादा दिन ओवरस्टे करने या पकड़े जाने पर थाईलैंड आने पर बैन भी लग सकता है। अगर आपका प्लान बदलता है, तो समय रहते स्टे बढ़वाएं या वीजा खत्म होने से पहले सही e-Visa में बदल लें। पेपरवर्क आखिरी दिन के भरोसे बिल्कुल न छोड़ें।
सितंबर-अक्टूबर यात्रा में रिफंड और रीबुकिंग: थाईलैंड वीजा नियमों के बदलाव को ऐसे संभालें
क्या आपने 40 से 60 दिनों की थाईलैंड ट्रिप प्लान की है? अगर मुमकिन हो, तो अपनी एंट्री 14 सितंबर या उससे पहले शेड्यूल कर लें, ताकि आपको 60 दिनों का स्टैम्प मिल सके। वरना आपको 30 दिनों के एक्सटेंशन का बजट अलग से रखना होगा या यात्रा छोटी करनी पड़ेगी। फ्लाइट रीबुकिंग चार्ज और किराये के अंतर को समझने के लिए एयरलाइन से संपर्क करें। बजट एयरलाइंस आमतौर पर हर सेगमेंट के हिसाब से चार्ज वसूलती हैं। तारीख बदलने से पहले होटल कैंसिलेशन पॉलिसी भी जरूर चेक कर लें।
| 30 दिनों से ज्यादा रुकने का प्लान | जरूरी प्रक्रिया | संभावित अतिरिक्त खर्च |
|---|---|---|
| थाईलैंड में 30 दिनों का एक्सटेंशन | इमिग्रेशन ऑफिस जाना; TM.7 फॉर्म, फोटो, पासपोर्ट और एड्रेस प्रूफ | 1,900 THB सरकारी फीस |
| ट्रिप छोटी करने के लिए रीबुकिंग | तारीख बदलना और किराये का अंतर देना | उदाहरण: ₹3,000 चेंज फीस + ₹2,500 किराये का अंतर ≈ ₹5,500 |
₹50,000 से कम बजट में थाईलैंड ट्रिप: नए नियमों के हिसाब से बनाएं सही प्लान
अपने कुल बजट का लगभग आधा हिस्सा फ्लाइट टिकटों के लिए रखें। बाकी बजट में रहने और घूमने का सही इंतजाम करें। मेट्रो लाइनों के पास स्थित हॉस्टल या गेस्टहाउस चुनें और खाने के लिए लोकल फूड कोर्ट्स का रुख करें। आने-जाने के लिए एयरपोर्ट रेल, BTS, MRT और फेरी (नाव) का इस्तेमाल करें। प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट्स की टिकट पहले से बुक करें और फ्लाइट्स के डिस्काउंट ऑफर्स पर नजर रखें। अगर आपका प्लान 31 से 60 दिनों का है, तो बजट में 1,900 बाहत की एक्सटेंशन फीस जरूर शामिल कर लें।
थाईलैंड के अलावा अन्य विकल्प: मलेशिया, सिंगापुर और वियतनाम e-Visa से आसान होगी ट्रिप
4 से 6 हफ्ते की लंबी छुट्टी पर निकलने वाले ट्रैवलर्स साउथ-ईस्ट एशिया के अन्य देशों को भी अपनी ट्रिप में जोड़ सकते हैं। मलेशिया भारतीय नागरिकों को 31 दिसंबर 2026 तक 30 दिनों की वीजा-फ्री एंट्री दे रहा है। सिंगापुर के लिए पहले से वीजा लेना पड़ता है, लेकिन यहां से फ्लाइट कनेक्टिविटी काफी आसान है। वहीं, वियतनाम का e-Visa सिंगल या मल्टीपल एंट्री के साथ 90 दिनों तक की छूट देता है। थाईलैंड की छोटी ट्रिप के साथ इन देशों की यात्रा आसानी से प्लान की जा सकती है।



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