उज्जैन में आज, 10 अगस्त को बाबा महाकाल की भव्य शाही सवारी निकलने जा रही है, जिसे लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सावन के इस पावन सोमवार पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। बाबा की पवित्र भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट तड़के 2:30 बजे ही खोल दिए गए थे। भीड़ को देखते हुए शहर भर में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है और विशेष पास काउंटर भी शुरू कर दिए गए हैं।
सुबह होने वाली भस्म आरती में शामिल होने के लिए ऑनलाइन बुकिंग या तुरंत ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी था। जल्दी दर्शन करने के लिए श्रद्धालु 'शीघ्र दर्शन' पास भी खरीद सकते हैं। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए स्थानीय महाकाल प्रवचन हॉल में काउंटर बनाए गए हैं। वेरिफिकेशन के लिए अपने साथ आधार कार्ड जैसा कोई ओरिजिनल पहचान पत्र जरूर रखें। मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के लिए पुरुषों को पारंपरिक साफ-सुथरी धोती और महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य है, ताकि अनुष्ठान की पवित्रता बनी रहे.

उज्जैन महाकाल शाही सवारी का रूट और पूरा कार्यक्रम
बाबा महाकाल की यह पवित्र सवारी आज ठीक शाम 4:00 बजे मंदिर परिसर से शुरू होगी। बाबा चांदी की पालकी में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। यह पावन सवारी गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी से होते हुए गुजरेगी। शाम 5:30 बजे सवारी रामघाट पहुंचेगी, जहां क्षिप्रा नदी के तट पर विशेष पूजा-आरती की जाएगी। यहां पुजारी बाबा का विशेष अभिषेक करेंगे, जिसके बाद वापसी की यात्रा शुरू होगी। सुरक्षा के लिहाज से श्रद्धालुओं को इस दौरान बैरिकेड्स के पीछे ही रहने की सलाह दी गई है।
| कार्यक्रम | संभावित समय |
|---|---|
| मंदिर से प्रस्थान | 4:00 PM |
| रामघाट पर आरती | 5:30 PM |
| मंदिर वापसी | 8:00 PM |
ट्रैफिक प्लान और भीड़ को संभालने की तैयारी
उज्जैन पुलिस ने शहर में आने वाले सभी रास्तों पर सख्त ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है। निजी वाहनों को आउटर रिंग रोड के पास बने तय पार्किंग एरिया में ही पार्क करना होगा। मुख्य चौराहों तक पहुंचने के लिए पैदल चलना ही एकमात्र विकल्प है। बुजुर्गों और छोटे बच्चों को रामघाट जैसे संकरे और भीड़भाड़ वाले रास्तों पर ले जाने से बचें। प्रशासन के नियमों का पालन करने से सभी श्रद्धालु सुरक्षित और सुगम तरीके से दर्शन कर सकेंगे।
अगर आप पहले से प्लानिंग करके चलेंगे, तो उज्जैन में किसी भी तरह की परेशानी या देरी से बच सकेंगे। जो श्रद्धालु किसी वजह से मंदिर नहीं पहुंच पा रहे हैं, वे घर बैठे ऑनलाइन लाइव प्रसारण के जरिए बाबा के दर्शन कर सकते हैं। सावन सोमवार के इस पावन पर्व का हिस्सा बनना जीवन का एक अद्भुत अनुभव है। बाबा महाकाल का आशीर्वाद आपके और आपके परिवार पर हमेशा बना रहे।



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