मौसम विभाग (IMD) ने आज, शनिवार, 5 सितंबर 2026 को उत्तराखंड के लिए भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। इसके चलते पहाड़ों की यात्रा करने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल के जिलाधिकारियों ने आज सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। हाल ही में हुए भूस्खलन के कारण हल्द्वानी-काठगोदाम और कालाढूंगी मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हुई है। अगर आप दिल्ली से वीकेंड पर पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, तो तुरंत अपना रूट बदल लें और एक्सट्रा टाइम लेकर ही निकलें।
प्रशासन का यह आदेश कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर लागू रहेगा, हालांकि आवासीय परिसर संचालित हो सकते हैं। लगातार बारिश से गीली हो चुकी ढलानों पर लैंडस्लाइड, फ्लैश फ्लड और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, शुक्रवार शाम तक कई ग्रामीण सड़कें बंद थीं, जिन्हें साफ करने का काम जारी है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे देर रात पहाड़ों पर ड्राइविंग से बचें और घर से निकलने से पहले जिला प्रशासन के आधिकारिक अपडेट जरूर चेक करें।

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट: कुमाऊं और गढ़वाल के लिए IMD की चेतावनी
IMD देहरादून के 7 दिनों के पूर्वानुमान चार्ट के मुताबिक, 10 सितंबर तक राज्य में भारी बारिश की प्रबल आशंका है। शनिवार और रविवार को नैनीताल, पौड़ी, अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। तेज और मूसलाधार बारिश के चलते ज्योलीकोट और दो गांव मोड़ के पास NH-109 बंद हो सकता है, वहीं कालाढूंगी के मोड़ों पर चट्टानें खिसकने का जोखिम है। इसलिए केवल दिन के उजाले में ही सफर करें और अपनी गाड़ी में पर्याप्त फ्यूल, कैश और पीने का पानी साथ रखें।
नैनीताल और पौड़ी में स्कूल बंद: दिल्ली वालों के वीकेंड प्लान पर पड़ेगा असर
अगर आप कुमाऊं जाने की सोच रहे हैं, तो नैनीताल के बजाए भीमताल-सातताल या रानीखेत का रुख कर सकते हैं। यहां के रास्ते मॉल रोड की खतरनाक चट्टानों की तुलना में अधिक चौड़े और सुरक्षित हैं। गढ़वाल जाने वाले यात्रियों के लिए कोटद्वार के रास्ते लैंसडाउन जाना संभव है, लेकिन पौड़ी में स्कूल बंद होने के कारण स्थानीय एडवाइजरी पर नजर रखें। नदी किनारे बने कॉटेज या ढलान वाले इलाकों में ठहरने से बचें; इसके बजाय पहाड़ी की चोटी पर स्थित ऐसी प्रॉपर्टीज चुनें जहां पीछे से सुरक्षित रास्ते हों। वैसे पहाड़ों की सैर के लिए सितंबर के आखिरी हफ्ते से अक्टूबर तक का समय सबसे बेहतर रहेगा।
दिल्ली से जाने वाले यात्री ध्यान दें: रूट अपडेट और सेफ्टी टाइम
| रूट / मार्ग | आज का खतरा | क्या करें उपाय |
|---|---|---|
| हल्द्वानी–काठगोदाम (NH‑109) | बादल फटने के बाद नया लैंडस्लाइड संभव | दिन रहते पहुंचे; 90 मिनट का एक्सट्रा टाइम रखें |
| कालाढूंगी–नैनीताल के मोड़ | तेज बारिश के दौरान चट्टानें गिरने का डर | रेन गियर साथ रखें; सुरक्षित स्थानों पर ही रुकें |
| भवाली मोड़ से लेक सर्किट | भारी बारिश के बाद मोड़ों पर मलबे का खतरा | आज रात भीमताल-सातताल को बेस बनाना बेहतर |
दिल्ली से यात्रा कर रहे हैं तो सुबह की नई दिल्ली-काठगोदाम शताब्दी (12040) से जाना बेहतर विकल्प होगा और कैब पहले से बुक कर लें। मसूरी जाने वालों के लिए आनंद विहार-देहरादून वंदे भारत (22457) सबसे बेस्ट है, जिससे रात में बारिश के दौरान ड्राइविंग से बचा जा सकता है। अगर फ्लाइट से जा रहे हैं तो दिल्ली-पंतनगर इंडिगो सेवा उपलब्ध है; हालांकि 2 घंटे का बफर टाइम रखें और फ्लेक्सिबल टिकट ही लें। मिड-रेंज में दो रातों के स्टे के लिए प्रति व्यक्ति 6,000 से 10,000 रुपये का बजट मानकर चलें।
होटल रिफंड और मानसून सेफ्टी गाइड: इन बातों का रखें ध्यान
होटल बुकिंग के लिए रिफंडेबल ऑप्शन चुनें या फिर पास के किसी सुरक्षित इलाके में तारीखें शिफ्ट करने की रिक्वेस्ट करें। कैंसिलेशन चार्ज से बचने के लिए होटल प्रबंधन को IMD के अलर्ट और जिला प्रशासन के आदेश का स्क्रीनशॉट भेज सकते हैं। सफर के दौरान अपने साथ पावर बैंक, स्नैक्स और जरूरी दवाएं जरूर रखें। शाम 6 बजे के बाद पहाड़ों पर ड्राइविंग करने से बिल्कुल बचें। SDRF, पुलिस और मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर बनाए रखें—थोड़ी सावधानी और समझदारी से आप खराब मौसम के बावजूद अपने वीकेंड को सुरक्षित बना सकते हैं।



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