मौसम विभाग (IMD) ने आज उत्तराखंड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। नैनीताल, देहरादून और मसूरी जैसे प्रमुख हिल स्टेशनों पर भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है। पहाड़ी रास्तों पर अचानक भूस्खलन (लैंडस्लाइड), जलभराव और ऊपर से पत्थर गिरने का गंभीर जोखिम बना हुआ है। वहीं ऋषिकेश के पास नदियों का जलस्तर बढ़ने से गाड़ियाँ चलाना काफी खतरनाक हो सकता है। मानसून के इस दौर में सुरक्षित रहने के लिए दिल्ली-एनसीआर से जाने वाले यात्रियों को अपने ट्रैवल प्लान में बदलाव करने की सलाह दी जाती है।
अगर आप हिल स्टेशन जा रहे हैं, तो सिर्फ दिन के उजाले में ही सफर करें और सुरक्षित रास्तों का चुनाव करें। जलभराव और ट्रैफिक जाम से बचने के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) से सही समय पर बाहर निकल जाएं। हल्द्वानी की ओर जाने वाले नेशनल हाईवे (NH) 9 या ऋषिकेश की तरफ जाने वाले NH 58 पर बेहद सावधानी से ड्राइव करें। सूरज ढलने के बाद घने कोहरे और मलबे के खतरे को देखते हुए खतरनाक पहाड़ी घाटियों से गुजरने से बचें। दिन में सफर करने से आपको खराब सड़कों और अचानक गिरते पत्थरों को देखने में आसानी होती है।

उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट: जानें सुरक्षित रास्ते और बैकअप विकल्प
मानसून में जब हाईवे पर लंबा जाम लग जाता है, तब ट्रेन से यात्रा करना सबसे भरोसेमंद विकल्प साबित होता है। अपनी गाड़ी ले जाने के बजाय दिल्ली से काठगोदाम जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों से सफर करना कहीं अधिक सुरक्षित है। होटल की बुकिंग करते समय 2000 से 5000 रुपये के बजट वाले ऐसे होटल चुनें, जिनमें रिफंड का विकल्प मौजूद हो। इससे अगर भूस्खलन के कारण रास्ते बंद भी होते हैं, तो आप आसानी से अपनी बुकिंग आगे बढ़ा सकते हैं। आखिरी समय में कोई भी एडवांस पेमेंट करने से पहले होटल की कैंसिलेशन पॉलिसी अच्छे से चेक कर लें।
| रूट कॉरिडोर | मानसून का मुख्य खतरा | सुरक्षित बैकअप विकल्प |
|---|---|---|
| नैनीताल और मसूरी | भारी बारिश और भूस्खलन | कसौली या नाहन |
| ऋषिकेश हाईवे | उफनते नदी-नाले | पास में मोरनी हिल्स |
नैनीताल-मसूरी ट्रिप गाइड: कम बारिश वाली खूबसूरत जगहें
अगर आप तुरंत वीकेंड पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों की बजाय कम ऊंचाई वाले हिल स्टेशनों का रुख करें। पास में स्थित नाहन, कसौली और मोरनी हिल्स जैसी जगहों पर काफी कम बारिश होती है। शांत माहौल और हरी-भरी वादियों वाले इन पर्यटन स्थलों के रास्ते भी काफी सुगम हैं। अपनी मंजिल बदल लेने से आप पहाड़ों पर अचानक होने वाले भूस्खलन और लंबे ट्रैफिक जाम से बच सकते हैं। कम ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा आपको खराब मौसम के खतरे के बिना एक सुखद और आरामदायक अनुभव देती है।
सफर पर निकलने से पहले स्थानीय ट्रैफिक अपडेट और मौसम संबंधी सलाह पर लगातार नजर बनाए रखें। अपने साथ एक इमरजेंसी किट जरूर रखें, जिसमें टॉर्च, पावर बैंक, जरूरी दवाइयां और सूखा खाना शामिल हो। अगर स्थानीय प्रशासन रास्ते बंद होने की जानकारी दे, तो पहाड़ों की यात्रा टालने में बिल्कुल न हिचकिचाएं। मानसून में समझदारी से लिया गया फैसला आपकी छुट्टी को सुरक्षित रखता है। थोड़ी सी सतर्कता और लचीलापन आपकी यात्रा को किसी भी परेशानी से बचाकर यादगार बना सकता है।



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