मौसम विभाग (IMD) ने आज, 2 सितंबर के लिए देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगर आप नैनीताल, मसूरी या चारधाम की यात्रा पर निकलने की सोच रहे हैं, तो फिलहाल अपने प्लान को टाल दें या फिर से री-शेड्यूल करें। पहाड़ों में रुक-रुक कर भारी बारिश, धुंध के कारण खराब विजिबिलिटी और नदी-नालों में अचानक उफान आने का खतरा है। यात्रा का शेड्यूल थोड़ा लचीला रखें, होटल बुकिंग्स फिलहाल रोक दें और मैदानी इलाकों से सटे इलाकों में रुकने के वैकल्पिक इंतज़ाम करके चलें।
आज देहरादून और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक 3 और 4 सितंबर को भी मध्यम लेकिन लगातार बारिश हो सकती है, जबकि 6 सितंबर के बाद ही राहत मिलने के आसार हैं। किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए ये हेल्पलाइन नंबर तुरंत सेव कर लें: राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र 1070, ईआरएसएस (ERSS) 112 और जिला हेल्पलाइन 1077। घाटी के रास्तों में अगर कहीं रास्ता बंद मिले या पानी का स्तर बढ़ता दिखे, तो तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें।

IMD ऑरेंज अलर्ट: NH-7, NH-109 और चारधाम रूट का ताजा हाल
ऋषिकेश, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, जोशीमठ और बद्रीनाथ को जोड़ने वाले NH-7 पर ट्रैफिक काफी धीमा रह सकता है। पातालगंगा जैसे संवेदनशील इलाकों में मरम्मत का काम चल रहा है, इसलिए वहां खास सावधानी बरतें। NH-109 के खैरना-अल्मोड़ा खतरनाक मोड़ों और गौरीकुंड जाने वाले NH-107 पर केवल दिन के उजाले में ही गाड़ी चलाएं। आज सुबह की रिपोर्ट के मुताबिक 2 नेशनल हाईवे और 172 सड़कें बंद थीं। घर से निकलने से पहले USDMA के 'रोड स्टेटस' पोर्टल पर अपडेट जरूर देख लें और पीडब्ल्यूडी (PWD) की हेल्पलाइन अपने पास रखें।
ट्रेन और बस से सफर का प्लान? लाइव स्टेटस, एक्स्ट्रा समय और रिफंड के नियम जानें
ट्रेन की ताजा स्थिति जानने के लिए नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) ऐप या वेबसाइट देखें, या 139 पर कॉल करें। देहरादून, हरिद्वार और काठगोदाम से ट्रेन पकड़नी हो, तो कम से कम 90 से 120 मिनट का एक्स्ट्रा समय हाथ में लेकर चलें। ट्रेन कैंसिल होने पर ई-टिकट का पूरा रिफंड अपने आप आ जाता है। अगर ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट है और आप यात्रा नहीं करते हैं, तो नियमानुसार रिफंड क्लेम कर सकते हैं। उत्तराखंड परिवहन निगम (UTC) के 'पथिक' ऐप से ऑनलाइन टिकट कैंसिल कराया जा सकता है, वहीं प्राइवेट ऐप्स अपनी नीतियों और फ्री-कैंसिलेशन विंडो के हिसाब से रिफंड देते हैं।
₹5,000 और ₹10,000 के बजट विकल्प: ₹1,000 से कम में हॉस्टल स्टे
₹5,000 तक का बजट: आप UTC बस से लैंसडाउन का रुख कर सकते हैं। यहां 'द हॉस्टलर' में डॉर्म बेड अक्सर ₹1,000 से कम में मिल जाते हैं। खाने-पीने के लिए ₹800–1,200 और लोकल टैक्सी या घूमने के लिए ₹500–800 का खर्च आएगा। ₹10,000 तक का बजट: टिहरी लेक को अपना बेस बनाएं। GMVN के डॉर्मिटरी और कायाकिंग या बोटिंग से आपका खर्च बजट में ही रहेगा। इसके अलावा रामनगर के पास कॉर्बेट के मैदानी इलाकों में ₹900–1,100 में डॉर्मिटरी और धनोल्टी के ऑफ-सीजन गेस्ट हाउस ₹1,000 के आसपास मिल जाते हैं।
पहाड़ों में सिर्फ दिन के उजाले में सफर करें, कटिंग वाली पहाड़ियों के नीचे गाड़ी पार्क न करें और तेज बहाव वाले बरसाती नालों को पार करने का जोखिम न लें। हर पड़ाव से पहले USDMA के 'हाइड्रोमेट डैशबोर्ड' और IMD के सिटी पेज पर मौसम का अपडेट लेते रहें। आज सुबह 08:30 बजे के आंकड़ों के अनुसार कोटद्वार और रामनगर के आसपास हल्की बारिश हुई है, इसलिए रुकने के लिए पहले वहां का रुख कर सकते हैं। मौसम ऐप या IMD पोर्टल पर चेतावनी हटने के बाद ही पहाड़ों में रुकने के लिए बुकिंग करें।



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