उत्तराखंड में गुरुवार, 27 अगस्त की सुबह एक बार फिर नई लैंडस्लाइड और बारिश के अलर्ट के साथ हुई है। नैनीताल जिले में आज सुबह 12 सड़कें बंद होने की खबर है। इससे पहले बुधवार को राज्यभर में हुई बारिश की वजह से 72 से ज्यादा रास्तों पर ट्रैफिक ठप्प हो गया था। मौसम विभाग (IMD) ने आज भी पहाड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे चट्टानें खिसकने का खतरा बना हुआ है। उधर, देहरादून-मसूरी रूट पर कई जगह वन-वे ट्रैफिक चलाया जा रहा है और भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू है।
पहाड़ों पर बारिश के बाद कुछ संवेदनशील इलाके बेहद खतरनाक हो गए हैं। 'पानी वाला बैंड' पर पिछले दो हफ्तों में बार-बार लैंडस्लाइड होने से रुक-रुक कर रास्ते बंद करने पड़े हैं। हाल ही में कैंपटी की तरफ सड़क बह जाने से मसूरी का संपर्क कट गया था। देहरादून घाटी का मालदेवता-सिल्ला कॉरिडॉर भी बारिश में भूस्खलन के लिहाज से काफी संवेदनशील बना हुआ है। इसके अलावा हल्द्वानी, कालाढूंगी और नैनीताल के बीच मलबा आने और पेड़ गिरने से सफर में देरी हो सकती है।

उत्तराखंड ट्रैवल अपडेट: नैनीताल-मसूरी रूट का हाल, IMD का अलर्ट और सफर के सुरक्षित विकल्प
दिल्ली से नैनीताल जाने वाले पर्यटकों के लिए सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद रास्ता काठगोदाम तक ट्रेन से जाना है। आप सुबह की नई दिल्ली-काठगोदाम शताब्दी एक्सप्रेस लें और वहां से प्रीपेड टैक्सी पकड़ लें। वहीं दिल्ली से देहरादून के लिए रात की वोल्वो बस बेहतरीन विकल्प है, जिसके बाद दिन में टैक्सी से पहाड़ी सफर किया जा सकता है। उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों या भरोसेमंद ऐप्स से ही टिकट बुक करें ताकि कैंसिलेशन में दिक्कत न हो। पहाड़ों पर ड्राइविंग हमेशा दिन के उजाले में ही करें, ताकि कोहरे और थकान की वजह से कोई जोखिम न रहे।
सुबह की स्थिति देखें तो मलबा हटाने के बाद थोड़ी देर के लिए रास्ते साफ हो रहे हैं। फिलहाल नैनीताल जिले में 12 सड़कें बंद हैं, वहीं देहरादून-मसूरी मार्ग पर वन-वे व्यवस्था और भारी वाहनों पर रोक जारी है। घर से निकलने से पहले हेल्पलाइन नंबरों से सड़क का हाल जरूर जान लें और घाट वाले इलाकों में केवल दिन में ही सफर करें।
| रूट (कॉरिडॉर) | आज का हाल | सुरक्षित विकल्प |
|---|---|---|
| देहरादून-मसूरी (राजपुर) | कई पैच में वन-वे ट्रैफिक; 'पानी वाला बैंड' के पास थोड़ी-थोड़ी देर में रुकावट; भारी वाहनों पर रोक | दिल्ली से देहरादून रात की वोल्वो बस; दिन में टैक्सी से आगे का सफर |
| हल्द्वानी-नैनीताल (कालाढूंगी/जियोलीकोट) | सफर में देरी, लोकल डायवर्जन; जिले में कई सड़कें बंद | सुबह काठगोदाम तक शताब्दी एक्सप्रेस; आगे के लिए प्रीपेड टैक्सी |
नैनीताल-मसूरी रूट टिप्स: काम के हेल्पलाइन नंबर और सड़क सुरक्षा से जुड़ी जरूरी बातें
मौसम के मिजाज को देखते हुए देहरादून, हल्द्वानी या तलहटी के इलाकों में ही रिफंडेबल होटल बुक करें। रुकने की जगह तय करने से पहले होटल वालों से रास्ते का हाल जान लें और आसान कैंसिलेशन पॉलिसी वाली डील ही फाइनल करें। ताजा अपडेट्स के लिए USDMA के रोड स्टेटस, ट्रैफिक पुलिस बुलेटिन और हेल्पलाइन नंबरों की मदद लें। USDMA के लिए 1070, इमरजेंसी के लिए 112 और ट्रैफिक व्हाट्सएप के लिए 7300702033 नंबर फोन में सेव रखें। अपने ड्राइवर के साथ रूट मैप शेयर करें और रात में गैर-जरूरी सफर से बचें।
मानसून के मौसम में पहाड़ों का सफर थोड़ा सब्र मांगता है; कई बार दोपहर तक मलबा हटने से रास्ते खुल जाते हैं। दिनभर मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें और स्थिति सुरक्षित होने पर ही आगे बढ़ें। अपने साथ रेनकोट, अच्छी ग्रिप वाले जूते, टॉर्च, पावर बैंक और फर्स्ट-एड किट जरूर रखें। जहां रॉकफॉल का खतरा हो वहां गाड़ी धीमी रखें, कटी हुई पहाड़ियों के नीचे जाम में खड़े होने से बचें और पर्याप्त कैश साथ रखें। थोड़ी सी समझदारी से आप उत्तराखंड की हरी-भरी वादियों का सुरक्षित आनंद ले सकते हैं।



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