भारी मानसूनी बारिश ने वेस्टर्न रेलवे (WR) की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है, जिससे ट्रेनों के परिचालन में काफी देरी हो रही है। वापी और उदवाड़ा के बीच पटरियों पर जलभराव के कारण फिलहाल ट्रेनों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया है। मुंबई और अहमदाबाद की ओर जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें 60 से 90 मिनट की देरी से चल रही हैं। प्लेटफॉर्म पर लंबी वेटिंग से बचने के लिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे स्टेशन निकलने से पहले अपनी ट्रेन का शेड्यूल जरूर चेक कर लें।
नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (NTES) के अनुसार, दक्षिण गुजरात सीमा के पास भारी ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बनी हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर वंदे भारत एक्सप्रेस और कर्णावती एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों पर पड़ने की संभावना है। मुख्य लाइन पर भीड़ कम करने के लिए कई पैसेंजर ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द भी किया जा सकता है। फंसे हुए यात्री सटीक और रियल-टाइम जानकारी के लिए 139 हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

बस का विकल्प और वापी–उदवाड़ा के बीच यात्रा का खर्च
अगर आपकी ट्रेन अनिश्चित काल के लिए लेट है, तो जल्दी पहुंचने के लिए आप स्टेट ट्रांसपोर्ट की बसों का सहारा ले सकते हैं। गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) स्थानीय स्टेशनों से नियमित रूप से वोल्वो और एसी बसें चलाता है। इसी तरह, महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) भी वापी से मुंबई और पालघर के लिए बसें संचालित करता है। आरामदायक सफर के लिए इन बसों का किराया आमतौर पर 200 से 500 रुपये के बीच होता है।
| परिवहन का साधन | अनुमानित किराया | सामान्य समय |
|---|---|---|
| एक्सप्रेस ट्रेन | Rs. 150 से 900 | 3 से 4 घंटे |
| सरकारी बस | Rs. 250 से 600 | 4 से 5 घंटे |
| बजट होटल | Rs. 700 से 1200 | प्रति रात |
जो यात्री अपनी यात्रा रद्द करना चाहते हैं, उनके लिए रिफंड की प्रक्रिया काफी आसान है। अगर ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट है, तो यात्री पूरे रिफंड का दावा कर सकते हैं। इसके लिए आपको आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए टिकट डिपॉजिट रसीद (TDR) फाइल करनी होगी। यह पॉलिसी खराब मौसम के कारण यात्रा में होने वाली दिक्कतों के दौरान यात्रियों को आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद करती है।
वापी–उदवाड़ा के पास ठहरने के विकल्प और मानसून में सुरक्षा के टिप्स
अगर आपको रात भर रुकने की जरूरत पड़ती है, तो ट्रांसपोर्ट हब के पास कई किफायती विकल्प मौजूद हैं। रेलवे स्टेशन के पास कई अच्छे होटलों में 1000 रुपये से कम में कमरे मिल जाते हैं। भारी बारिश के दौरान इंतजार करने के लिए ये लॉज एक सुरक्षित जगह हैं। मोबाइल ऐप्स के जरिए बुकिंग करने पर आपको आखिरी समय में अच्छे डिस्काउंट भी मिल सकते हैं।
मानसून के दौरान यात्रा करते समय अपने सामान और सेहत का ख्याल रखना बहुत जरूरी है। सफर में हमेशा सूखे स्नैक्स और पीने का पानी साथ रखें। अचानक होने वाली बारिश से सामान को बचाने के लिए वाटरप्रूफ कवर का इस्तेमाल जरूर करें। पल-पल की जानकारी के लिए रेलवे के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करते रहें ताकि मौसम की चुनौतियों के बावजूद आपकी यात्रा आसान बनी रहे।



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