महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी पश्चिमी भारत का सबसे विख्यात शैक्षणिक संस्थान है। यहां एक पुरातात्त्विक विभाग भी है, जहां हड़प्पा सभ्यता और बौद्ध स्थल देवी-नी-मोरी में पाए गए अवशेषों को रखा गया है। इसके अलावा यहां ह्यूमन जेनाम रिसर्च, सोशल वर्क और टेक्नोलॉजी विभाग भी है।
यहां का फाइन आर्ट संकाय आधुनिक भारतीय कला से जुड़ी गतिविधियों का केन्द्र है। वहीं यहां के परफॉर्मिग आर्ट संकाय को म्यूजिक कॉलेज के नाम से जाना जाता है और इसके कारण एमएस यूनिवर्सिटी को काफी प्रसिद्धि मिली है। कला संकाय के भवन को गुंबद के नाम से जाना है। इन सबसे के बीच यूनिवर्सिटी का एक छोटे से थियेटर प्ले बॉक्स में आर्ट शो, कंसर्ट और नाटक का आयोजन किया जाता है।



Click it and Unblock the Notifications