इस जगह की सुन्दरता के कारण इसे एशिया का स्विट्जरलैंड कहा जाता है। यहां अधिकतर आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं जिनकी रंग-बिरंगी संस्कृति सैलानियों को आकर्षित करती है।
इस लेक को दुनिया का एकलौता तैरता हुआ झील कहा जाता है। अपने साफ पानी के लिए विख्यात यह झील दूर से किसी भूखंड पर तैरता हुआ ही दिखाई देता है।
शांत, प्राकृतिक नजारे और म्यूजिक...पर्यटकों को ये चीजें काफी आकर्षित करती हैं। यहां आने के लिए भी इनर लाइन परमिट लेने की जरूरत होती है।