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कोलकाता की दुर्गापूजा में घुम आएं मिश्र : ना आड़े आएगा बजट, ना पासपोर्ट की होगी जरूरत

दुर्गा पूजा में चलिए मिश्र (Egypt) घुम आते हैं। क्या कहा आपने...मिश्र घुमने का बजट नहीं है। कोई बात नहीं, बस अपना बैग पैक करिए और पहुंच जाइए कोलकाता। पिरामिड, मरुस्थल, ऊंट, फराओ, स्फिंक्स और ममी (Mummy) समेत पूरा का पूरा मिश्र ही अब कोलकाता में नजर आने वाला है। बोनस में मां दुर्गा के भी दर्शन होंगे।

Egypt

जी हां, हम बात कर रहे हैं मिश्र की थीम पर कोलकाता में बन रहे दुर्गा पूजा पंडाल की जिसे देखकर एक पल के लिए ऐसा ही लगेगा कि नील नदी के किनारे आप मिश्र के किसी शहर में पहुंच गये हैं।

कहां दिखेगा मिश्र

Mishra Egypt

कोलकाता के पास मौजूद उपनगरीय शहर बेलघरिया के 17 पल्ली दु्र्गा पूजा कमेटी ने इस बार मिश्र की थीम पर ही दुर्गा पूजा पंडाल तैयार करने का फैसला लिया है। दुर्गा पूजा में 1 महीने से भी कम का समय शेष रह गया है। इसलिए पूजा कमेटी तेजी से अपना काम पूरा कर रही है। इस दुर्गा पूजा पंडाल की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां सिर्फ पूजा पंडाल को ही नहीं बल्कि मां दुर्गा की प्रतिमा को भी मिश्र की शैली में ही तैयार और सजाया जा रहा है।

क्या-क्या दिखेगा यहां

camel

12,000 वर्ग फीट में बेलघरिया 17 पल्ली दुर्गा पूजा कमेटी का पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है। पूजा पंडाल में 5 पिरामिड तैयार किये जा रहे हैं। इनमें से किसी ऊंचाई 66 फीट, किसी की 30 और सबसे ऊंचा पिरामिड 100 फीट का होने वाला है। नील नदी का Effect दिखाने के लिए एक अस्थायी जलाशय को भी तैयार किया गया है। पूजा कमेटी की तरफ से बताया गया कि 12,000 वर्ग फीट के क्षेत्र को ही सफेद बालु से ढंक दिया जाएगा, ताकि यह मरुस्थल जैसा ही लगे। किसी पिरामिड में फराओ तो किसी में स्फिंक्स और कहीं ऊंट दिखेगा। कई जगहों पर मिश्र की शैली में लिखे हुए शिलापट्ट भी नजर आएंगे।

पूजा कमेटी सदस्य कहेंगे 'अल-हबीबी'

दुर्गा पूजा पंडाल में अगर आपके आसपास घुम रहे किसी व्यक्ति, जो मिश्र के पारंपरिक परिधान में हो, के मुंह से 'अल-हबीबी' सुनकर चौंक मत जाइएगा। दरअसल, वह बेलघरिया के 17 पल्ली दुर्गा पूजा कमेटी का स्वेच्छा सेवक हो सकता है, जो भीड़ को नियंत्रित करने का काम कर रहा होगा।

Pyramyd

इस साल बेघरिया 17 पल्ली की दुर्गा पूजा अपने 57वें साल में प्रवेश करने वाली है। इस साल पहली बार पूजा की जिम्मेदारी विश्वजीत साहा ने अपने कंधे पर उठा ली है। हालांकि उन्होंने अभी तक पूजा पंडाल के बारे में पूरा खुलासा नहीं किया है। दर्शकों से इतना जरूर कहा है कि अगर इस साल दुर्गा पूजा में इस पूजा पंडाल में नहीं आते हैं, तो काफी कुछ वे मिस जरूर कर जाएंगे। SRK के स्टाइल में अगर कहा जाए तो 'पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त!'

durga puja

शाम ढलते ही बदल जाएगा नजारा

दिन के समय मिश्र के ऊंट, फराओ और स्फिंक्स से सजा यह पूजा पंडाल सुन्दर तो दिखेगा लेकिन इसकी असली खुबसूरती तो शाम ढलते ही निखर कर सामने आएगा। जब कई मसालों को एक साथ जलाया जाएगा। इसके साथ ही स्पेशल इफेक्ट से बनाया गया कृत्रिम चांद भी पूजा पंडाल की सुन्दरता में चार चांद लगाएगा।

maa durga

रात के अंधेरे में Dramatic Lights के साथ फराओ, स्फिंक्स और ममी को देखकर अगर सिहरन पैदा होने लगे तो थोड़ी तेजी से कदम बढ़ाकर सीधे मां दुर्गा के सामने पहुंच जाइएगा। मिश्र शैली में सजायी गयी मां दुर्गा की प्रतिमा को देखकर यकिन मानिए डर एकदम से छु-मंतर हो जाएगा।

किन चीजों का किया जा रहा इस्तेमाल

durga puja 2023

आर्ट डिजाइनर रुपचांद कुंडू की सोच को वास्तविक रूप में ढालने के लिए प्लाईवुड, फाइबर, कोलतार और लाह जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ममी, फराओ या फिर स्फिंक्स की मूर्तियां इतनी जीवंत लग रही हैं कि देखने वाला एक पल के लिए भूल ही जाएगा कि वह कोलकाता के उपनगरीय क्षेत्र में है या मिश्र के किसी शहर में खड़ा है। असली और नकली मिश्र का फर्क मानों यहां पूरी तरह से खत्म हो जा रहा है। पूरे पूजा पंडाल को बेहद सावधानी के साथ सजाया जा रहा है ताकि गलती की कोई गुंजाइस ना हो।

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