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सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो रहे भारत के ये प्राचीन मंदिर

इन दिनों आम जनता प्राचीन काल के मंदिरों को सर्च करने में काफी जुटी हुई है। जब से ज्ञानवापी मामला सामने आया है, तब से सोशल मीडिया पर यही ट्रेंड कर रहा है।
तुंगनाथ मंदिर (उत्तराखंड)
तुंगनाथ मंदिर का संबंध रामायण काल से बताया जाता है। ऐसी मान्यता है कि यहां रावण वध के बाद भगवान श्रीराम ने ब्रह्महत्या के अभिशाप से बचने के लिए तपस्या की थी। यह मंदिर पंचकेदारों में से एक है।
एलोरा का कैलाशनाथ मंदिर इन दिनों सोशल मीडिया काफी सर्च किया जा रहा है। इस मंदिर के खंबे, पत्थर के मेहराब, मूर्तियां और इमारतें सभी पत्थर के एक ही टुकड़े से बनाई गई है।
कैलाशनाथ मंदिर (एलोरा)
यह मंदिर एक विशाल रथ का आकार में बनाया गया है। 13वीं शाताब्दी में इसे पूर्वी गंग राजवंश के राजा नरसिम्ह देव प्रथम द्वारा बनवाया गया था।
कोणार्क का सूर्य मंदिर
कर्नाटक का विट्ठल मंदिर हम्पी परिसर के सभी मंदिरों में से सबसे प्रसिद्ध है। यहां के जितने पिलर्स है, इन सभी में से ध्वनि तरंगे निकलती है, जिसका राज आज तक कोई नहीं जान सका।
विट्ठल मंदिर (कर्नाटक)
आदि कुंभेश्वर मंदिर, विजयनगर काल का माना जाता है। इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि भगवान ने स्वयं रेत में अमृत मिलाकर यहां शिवलिंग की स्थापना की थी।
आदि कुंभेश्वर मंदिर (तमिलनाडु)
बृहदेश्वर मंदिर करीब एक हजार साल पुराना बताया जाता है। इस मंदिर की खासियत यह है कि इसमें कोई सीमेंट या बालू का उपयोग नहीं किया गया है बल्कि यहां पत्थरों को पजल के रूप में रखकर मंदिर की संरचना को तैयार किया गया है, जो आज भी संरक्षित है।
बृहदेश्वर मंदिर (तमिलनाडु)
चेन्नाकेशव मंदिर (कर्नाटक)
चेन्नाकेशव मंदिर में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को एक साथ स्थापित किया गया है। यह मंदिर विजयनगर के शासकों द्वारा चोलों पर उनकी विजय को दर्शाने के लिए बनवाया गया था।
वरदराजा पेरुमल मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। इस मंदिर को ऐसी मान्यता है कि मंदिर की छत को सुशोभित छिपकलियों की मूर्तियों के छूने से ही पिछले जन्म के सारे पाप कट जाते हैं।
वरदराजा पेरुमल मंदिर (तमिलनाडु)
इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा का विषय काशी विश्वनाथ मंदिर ही है। यहां मंदिर तोड़कर औरंगजेब ने मस्जिद बनवा दिया था, जिस पर करीब 250 सालों से विवाद चल रहा है। ये मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
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एकम्बरेश्वर मंदिर