इन दिनों ओटीटी पर फिल्म 'ताली' खूब पसंद की जा रही है। फिल्म में सुष्मिता सेन ने एक किन्नर का किरदार निभाया है।
क्या आपको पता है दिल्ली में कुतूब मिनार के पास एक ऐसी जगह है जहां 50 किन्नरों की लाशें दफन हैं।
किन्नरों के लिए काफी महत्वपूर्ण इस जगह पर लोदी वंश के शासनकाल के दौरान 15वीं शताब्दी में 50 किन्नरों को दफनाया गया था, जिसे 'हिजरों का खानकाह' कहा जाता है।
भारत में यह हिजरों की एकलौती खानकाह है। पाकिस्तान में भी ऐसी एक खानकाह बनी हुई है।
यहां अब किन्नरों ने नहीं दफनाया जाता है लेकिन हर गुरुवार को किन्नर दुआ पढ़ने जरूर आते हैं। इस जगह की देखरेख की जिम्मेदारी भी अब किन्नरों पर ही हैं।
खास बात यह है कि खानकाह के बाहर लोहे का एक दरवाजा तो है लेकिन वहां कभी भी ताला नहीं लगाया जाता है।
कहा जाता है कि सुफी संत कुतुब साहब ने यह जगह किन्नरों को दे दी थी जिसके बाद किन्नरों की गुरू सत्तो माई ने इस जगह का निर्माण करवाया था।