Ajay Mohan       May 24, 2023

भारतीय रेल का इतिहास आपने जरूर पढ़ा होगा, लेकिन इतिहास के जिन पन्नों को हम पलटेंगे उनसे आप अनजान होंगे।

नेटिव प्‍लैनेट सीरीज़ ----------------------------- "तस्वीरें आज की,  कहानी कल की"

आप यह जानते होंगे कि भारतीय रेल की शुरुआत 8 मई 1845 को हुई थी, लेकिन  क्या आप जानते हैं रेल लाइन बिछाने का पहला ठेका 1848 में दिया गया था।

क्या आप जानते हैं 1869 में स्वेज कैनाल के खुलने और भारत में रेलवे को गति मिलने से ही भारत में औद्योगिक प्रगति हुई।

1853 से लेकर 1900 के बीच भारत में कुल 24,752 मील लंबी रेलवे लाइन बनी जिस  पर 329.53 करोड़ रुपये खर्च हुए।  1914 तक 10 हजार मील की एक नई रेलवे  लाइन बनी।

1924 में पहली बार रेलवे बजट बना और सरकार द्वारा कोष स्थापित किया गया। रेलवे वित्त को सामान्य राजस्व से अलग कर दिया गया।

1930 में रेल मार्गों की कुल लम्बाई बढ़कर लगभग 41,700 मील हो गई। रेलों में विनियोजित पूंजी की मात्रा 857 करोड़ हो गई।

1937 में बर्मा को भारत से पृथक किया गया, जिससे लगभग 2000 मील लम्बी रेल लाइन बर्मा में चली गई।

जिस समय देश आजाद हुआ तब देश में 42 विभिन्न स्टेट कम्पनी रेलवे यूनिटें  मौजूद थीं, जिन्हें बाद में मिलाकर भारतीय सरकारी रेलों में परिवर्तित कर  दिया गया।

1947 में देश के बंटवारे के दौरान लगभग 7000 मील लम्बी रेल लाइन पाकिस्तान  में चली गई। इसी के साथ ही लगभग 150 करोड़ रुपये की पूँजी विनियोग भी  पाकिस्तान के हिस्से में आया।