दुनिया के अधिकांश देशों में ईसाई नववर्ष की तरह ही 1 जनवरी से साल शुरू होता है और 31 दिसंबर को खत्म हो जाता है।
लेकिन भारत में कितने नववर्ष होते हैं? भारत में एक-दो नहीं बल्कि पूरे 6 नववर्ष मनाए जाते हैं। चौंक गये ना...।
जब पूरी दुनिया 1 जनवरी को नववर्ष का जश्न मनाने में व्यस्त होती है, उस समय भारत में भी ईसाई नये साल के आगमन की खुशियां मनायी जाती हैं।
ईसाई नववर्ष
पारसी धर्म को मानने वाले लोग नवरोज उत्सव को नववर्ष के तौर मनाते हैं। आमतौर पर 19 अगस्त को नवरोज का उत्सव मनाया जाता है जिसकी शुरुआत 3000 वर्ष पहले हुई थी।
पारसी नववर्ष
पंजाब में नववर्ष को वैशाखी के रूप में मनाया जाता है। यह हर साल अप्रैल के महीने में मनाया जाता है।
पंजाबी नववर्ष
बांग्ला कैलेंडर में वैशाख माह की पहली तारीख को बंगाली नववर्ष के तौर पर मनाया जाता है। आमतौर पर यह हर साल 15 अप्रैल को मनाया जाता है।
बंगाली नववर्ष
चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा को हिंदू नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। इसे विक्रम संवत भी कहा जाता है। मान्यता है कि भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन से सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी।
हिंदू नववर्ष
जैन नववर्ष दीपावली के अगले दिन से शुरू होता है। इसे 'वीर निर्वाण संवत' भी कहा जाता है। इसी दिन से जैन धर्म को मानने वाले अपना नया साल मनाते हैं।