Ajay Mohan Mar 13, 2023
क्या आप जानते हैं, एक नहीं दो-तीन बार ताज महल को भूकंप की वजह से नुकसान पहुंच चुका है!
नेटिव प्लैनेट सीरीज़ -----------------------------
"तस्वीरें आज की,
कहानी कल की"
1 सितंबर 1803 को उत्तर भारत में बड़ी तीव्रता वाला भूकंप आया था, जिसमें 300 लोग मारे गए थे।
इस भूकंप का असर उत्तरकाशी हिमालय के कई हिस्सों के साथ-साथ जमीनी क्षेत्रों पर भी हुआ।
अलमोड़ा, देवप्रयाग, जोशीमठ, बद्रीनाथ, केदारनाथ, क्षेत्रों में जबर्दस्त में स्थित कस्बे बर्बाद हो गए।
उत्तरकाशी में काशी विश्वनाथ मंदिर और तुंगनाथ मंदिर पूरी तरह ढह गए।
दिल्ली में कुतुब मिनार का एक हिस्सा 'कुपोला' टूट कर गिर गया, जिस वजह से इमारत कमजोर पड़ गई।
आगरा क ताज महल की दीवारों पर दरारें आ गईं, एक मिनार का बड़ा हिस्सा टूट गया था।
भूकंप के बाद ब्रिटिश सरकार ने ताज महल की मरम्मत करावायी।
इन दरारों में चूना-मिट्टी या सीमेंट नहीं बल्कि चांदी पिघला कर डाली गई थी।
काशी, बनारस, वाराणसी से महाश्मशान तक
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