लेकिन खास त्योहार या पर्व पर जब वे अपनी पारम्परिक वेशभूषा में होते हैं, तब आप जरूर समझ जाते हैं कि ये आदिवासी ही हैं। a
अब हर जनजाति की अपनी अलग वेशभूषा है, तो कैसे पहचानें कि कौन से आदिवासी कहां के हैं? बस इसी प्रश्न का उत्तर आपको आगे मिलेगा...
नागा आदिवासी हॉर्नबिल फेस्टिवल के अंतिम दिन, कोहिमा, नागालैंड के पास ही किसामा में पारंपरिक डांस करते हैं।
पुदूचेरी आदिवासी समुदाय के आदिवासी हॉर्नबिल फेस्टिवल के 6ठवें दिन कोहिमा, नागालैंड के पास ही किसामा में पारंपरिक नृत्य व परफार्मेंस करते हैं।
मोरीगांव जिले के मायोंग गांव में पारंपरिक 'गोहेन उलिउवा मेला' फेस्टिवल के दौरान धार्मिक जुलूस में भाग लेते कार्बी आदिवासी पुरुष और महिलाएं।
नागालैंड के कोहिमा से लगभग 15 किलोमीटर दूर नागा हेरिटेज गांव किसामा में हॉर्नबिल फेस्टिवल के तीसरे दिन सुमी जनजाति के नागा आदिवासी नृत्य करते हैं।
डिब्रूगढ़ में ऑल असम चाय जनजाति आदिवासी सांस्कृतिक सम्मेलन 2014 रैली में झारखंड आदिवासी जनजाति समुदाय का पारंपरिक नृत्य।