यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए Ministry of Civil Aviation और विभिन्न एयरपोर्ट प्रबंधन अक्सर नयी व्यवस्थाएं करते रहते हैं। इसी क्रम में अब दिल्ली और हैदराबाद एयरपोर्ट पर सेल्फ बैगेज ड्रॉप सुविधा को शुरू किया गया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस सुविधा की वजह से यात्रियों का कम से कम 15 से 20 मिनट का अतिरिक्त समय बच जाएगा।

बताया जाता है कि फिलहाल यह सुविधा सिर्फ घरेलु उड़ान के यात्रियों के लिए ही उपलब्ध है। जल्द ही इसे अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों के लिए भी उपलब्ध करवाया जा सकता है।
क्या है सेल्फ बैगेज-ड्रॉप सिस्टम?

सेल्फ बैगेज-ड्रॉप सिस्टम एयरपोर्ट पर यात्रियों का समय बचाने और उनकी यात्रा को और भी सुगम बनाने की एक पद्धति के तौर पर शुरू की गयी है। यात्री बिना एयरलाइंस कंपनी के कर्मचारियों की सहायता से खुद ही चेक-इन के लिए अपना सामान दे सकते हैं। कहा जा रहा है कि इससे यात्रियों का 15-20 मिनट तक का समय बचेगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर फिलहाल यह सुविधा T3 यानी टर्मिनल 3 पर और हैदराबाद में यह सुविधा गेट नंबर 9 के पास उपलब्ध है।
कैसे करें सेल्फ बैगेज ड्रॉप?
सेल्फ बैगेज ड्रॉप की सुविधा पाने के लिए आपको ना तो एयरपोर्ट ना ही एयरलाइंस कंपनी के किसी भी स्टाफ की मदद की जरूरत है। जैसा नाम से ही जाहिर होता है, आप अपना बैग खुद ही चेक-इन के लिए ड्रॉप कर सकते हैं।
सेल्फ बैगेज ड्रॉप करने की पद्धति :
- सबसे पहले यात्री एयरपोर्ट पहुंचकर अपना बोर्डिंग पास प्रिंट कर लें।
- यात्री निर्धारित सेल्फ-सर्विस कियॉस्क या चेक-इन काउंटर पर जाएं जहां ऑटोमेटिक मशीन लगाये गये हैं।
- यहां यात्री को अपना बोर्डिंग पास स्कैन करना होगा। इसके बाद मशीन में आवश्यक जानकारी जैसे फ्लाईट की जानकारी आदि भरकर बैगेज टैग को प्रिंट कर लें।
- इन टैग्स को अपने सामान में लगा कर आपको अपने सामान को स्कैन करना होगा। इस दौरान आपको यह भी बताना पड़ेगा कि आपके बैग्स में कोई आपत्तिजनक सामान नहीं है।
कैसे काम करता है सेल्फ बैगेज सिस्टम?
जब आप अपने बैग के लिए टैग प्रिंट करते हैं, तो उस टैग में एक कम्प्यूटरीकृत कोड भी रहता है जो खास आपके लिए ही बनाया गया होता है। यहीं कोड आपके बैग की पहचान बन जाता है जो आपके द्वारा दी गयी सभी जानकारियों से लैस होता है। जब यात्री अपना बैग सेल्स ड्रॉप कर चुका होता है तो संभव है कि एयरपोर्ट प्रबंधन के कर्मचारी या एयरलाइंस कंपनी के कर्मचारी बैगों की जांच करें और इसके बाद उन्हें विमान में लोड किया जाए।

लेकिन विमान में चढ़ाने से पहले यह भी जांची जाएगी कि बैग का वजन इत्यादि सही मापदंड के अनुसार ही है या नहीं। अगर आपका बैग एयरलाइंस कंपनी के सभी मापदंडों पर खरा उतरता है तो बैग को विमान में लोड कर दिया जाएगा जिसके बारे में आपको मोबाइल पर या एयरलाइंस कंपनी के कर्मचारी द्वारा सूचित किया जाएगा। लेकिन किसी कारणवश अगर आपका बैग एयरलाइंस के निर्धारित मापदंडों पर खरा नहीं उतरता या वजन ज्यादा हो होता है तो इस बारे में एयरलाइंस कंपनी के कर्मचारी स्वयं आपसे संपर्क कर आगे की कार्रवाई करेंगे।



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