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उज्जैन में स्थिति इस मंदिर से हुई मंगल ग्रह की उत्पत्ति...

महाकाल की नागरी उज्जैन में कई ऐसे मंदिरों के दर्शन होंगे जहां सनातन धर्म और मंदिरों से जुड़े कई पहलु और रहस्य मिलेंगे। उज्जैन में एक मंदिर, जहां ऐसी मान्यता है की, उसी मंदिर से मंगल ग्रह की उत्पत्ति हुई थी। क्या है रहस्य ?आगे की स्टोरी पढ़े
Sanyogita Agrahari
मंगलनाथ मंदिर, जहां भगवान शिव को मंगल के रुप में पूजा जाता है।
पुराणों के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि शिव जी अंधकासुर नाम के असुर को वरदान दिया कि " तुम्हारे रक्त से सैकड़ों दैत्य पैदा होंगे।
वरदानप्रप्ति के पश्चात ही अंधकासुर ने लोगों के बीच तबाही मचा दी। तभी शिव जी ने अंधकासुर के विनाश का प्रण लिया ।
लोगों का कहना है की युद्ध के दौरान भगवान शिव के पसीने के बूंद से जो ऊर्जा उत्पन्न हुईं, उससे के धारती दो भागों में बांट गई और मंगल ग्रह की उत्पत्ति हुई
मंगलनाथ मंदिर को पृथ्वी की नाभी भी बोला जाता हैं।
मंगलनाथ का दर्शन और आरती का अनुभव करना है तो मंगलवार को मंदिर जाने का शुभ समय है।
आगे देखें - मणिकर्ण गुरुद्वारा, जहां जमीन से निकलते गरम पानी में बनता है लंगर का भोजन
मणिकर्ण गुरुद्वारा