भगवान जगन्नाथ मन्दिर में छुपे तमाम ऐसे रहस्य और कहानियां जिसे वैज्ञानिकों का समझ पाना भी मुश्किल है
Sanyogita Agrahari
हिंदू मान्यता के हिसाब से जगन्नाथ मन्दिर, चार धाम यात्रा के तीर्थ स्थलों में से एक माना गया हैं भगवान विष्णु ने अपनी चार धाम यात्रा करते समय उड़ीसा के पुरी में रुक कर भोजन किया था।
मंदिर के ऊपर लगा झंडे को हर रोज बदलने की मान्यता है ऐसा बोला जाता है यदि मंदिर के ऊपर लगे झंडे को नहीं बदला गया तो जगन्नाथ मंदिर 18 सालों के लिए बंद हो जाएगा । झंडा हर समय हवा के विपरीत में उड़ता है।
ऐसा बोला जाता है कि जगन्नाथ मंदिर के ऊपर कोई पंछी उड़ नहीं सकती। आमतौर पर मंदिरों के ऊपर पंछियों का बसेरा होता है यही वजह कि मंदिर के ऊपर से हवाई जहाज, हेलिकॉप्टर के उड़ने पर भी मना है।
जगन्नाथ मंदिर की रसोई दुनियां की सबसे बड़ी रसोई मानी जाती है यहां कभी भी प्रसाद कम नही पड़ता है लेकीन जैसे ही मंदिर का दरवाजा बन्द होता है बचा हुआ प्रसाद अपने आप खत्म हो जाता है मंदिर में कभी भी प्रसाद व्यर्थ नहीं जाता है।
किसी भी इमारत और व्यक्ति की परछाई तो होती ही है लेकीन 214 फीट ऊंचा जगन्नाथ मंदिर की परछाई आज तक किसी ने नही देखी।
मंदिर के ऊपर लगा सुदर्शन चक्र पुरी के किसी भी कोने से देखा जाए तो उसका मुंह आपकी तरफ ही नजर आता है।