भारत का पहला इस्कॉन मंदिर वृंदावन में बनवाया गया था, जो साल 1975 में बनकर तैयार हो गया था। इस मंदिर को श्री कृष्ण बलराम मंदिर के रूप में जाना जाता है।
श्री मायापुरा चंद्रोदय मंदिर भारत में सबसे बड़े इस्कॉन मंदिर में से एक है। यह पश्चिम बंगाल के मायापुर में स्थित है और यह इस्कॉन का मुख्य मुख्यालय है।
मायापुरा
भारत में सबसे बड़े इस्कॉन मंदिरों में से एक बैंगलोर इस्कॉन मंदिर भी है, जिसे श्री राधाकृष्ण मंदिर भी कहा जाता है। जन्माष्टमी के दिन यह मंदिर रौशनी से जगमगा उठता है।
बैंगलोर
गुजरात समाचर प्रेस के पास बना यह इस्कॉन मंदिर आध्यात्मिकता और मानसिक शांति का अनुभव करने के लिए सबसे अच्छी जगह है, जिसे हरे कृष्ण मंदिर के रूप में जाना जाता है।
अहमदाबाद
राजधानी दिल्ली में स्थित यह इस्कॉन मंदिर राधा राधिकरण-कृष्ण बलराम इस्कॉन मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां जन्माष्टमी के मौके पर करीब 4-5 लाख श्रद्धालु आते हैं।
दिल्ली
चेन्नई
दक्षिणी चेन्नई में ईस्ट कोस्ट रोड पर स्थित यह मंदिर काफी सुंदर मंदिरों में से एक है, जो 26 अप्रैल 2012 को अधिकारिक रूप से खोला गया था। यह तमिलनाडु का सबसे बड़ा राधाकृष्ण मंदिर है।
अनंतपुर में स्थित यह मंदिर एक रथ के समान नजर आता है, जिसमें एक रेस्तरां भी शामिल है, जिसे राधा पार्थसारथी मंदिर के रूप में जाना जाता है, जो फरवरी 2008 में भक्तों के लिए खोला गया था।
अनंतपुर
इस मंदिर में भगवान कृष्ण और उनके जीवन को दर्शाती कई मूर्तियां हैं, जो देखने में काफी मनमोहक लगती है। यहां पर जन्माष्टमी के मौके पर भक्तों की काफी भीड़ उमड़ती है।
गाजियाबाद
पुणे
पुणे में स्थित इस मंदिर को भक्तों के लिए 2013 में खोला गया था, जिसे श्री श्री राधा वृंदावनचंद्र मंदिर के नाम से जाना जाता है।
मुंबई
मुंबई के इस्कॉन मंदिर को अधिकारिक रूप से श्री श्री राधा रासबिहारी जी मंदिर के रूप में जाना जाता है, फिल्म नगरी के जूहू क्षेत्र में स्थित है, जो 1978 में खोला गया था।
हैदराबाद के बंजारा हिल्स के समीप स्थित इस्कॉन मंदिर को श्री श्री राधा मदनमोहन मंदिर के नाम से जाना जाता है।
हैदराबाद
काशी में भी इस्कॉन मंदिर बना हुआ है, जहां जन्माष्टमी के दिन भक्तो की काफी भीड़ देखी जाती है।