Moumita Bhattacharya       Aug 30, 2023

जन्माष्टमी पर वृंदावन के इन मंदिरों में करें दर्शन

वृंदावन के कण-कण में राधा-कृष्ण का वास माना जाता है। यहां आने वाला हर भक्त भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की भक्ति डूबा रहता है।

अगर आपने भी जन्माष्टमी पर वृंदावन जाने की योजना बना रखी है, तो बांके बिहारी के मंदिर के साथ-साथ इन मंदिरों में भी भगवान के दर्शन करें।

यह मंदिर राधा-कृष्ण और सीता-राम के प्रेम को समर्पित है। संगमरमर से बना यह मंदिर किसी शानदार महल से कम नहीं लगता है।

1. प्रेम मंदिर

वृंदावन का सबसे भव्य मंदिर इस्कॉन मंदिर ही है। इसे कृष्ण-बलराम का मंदिर भी कहा जाता है।

2. इस्कॉन मंदिर 

इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां राधा रानी की कोई मूर्ति नहीं है। श्रीकृष्ण के पास रखा मुकूट ही देवी राधा का प्रतिक है।

3. श्री राधारमण मंदिर

भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर में महादेव एक गोपी के रूप में विराजमान हैं। यमुना से जल लाकर भक्त महादेव का जलाभिषेक करते हैं।

4. गोपेश्वर महादेव

भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को यह मंदिर समर्पित है। यह वृंदावन का सबसे ऊंचा मंदिर है।

5. श्री रघुनाथ मंदिर

51 शक्तिपीठों में यह एक है। इसे उमा शक्ति पीठ के रूप में भी जाना जाता है। भूतेश्वर महादेव के मंदिर के अंदर यह मंदिर स्थित है।

6. कात्यायनी शक्तिपीठ

किस रेलवे स्टेशन पर एक भी दुकान नहीं है?

A. बर्दवान स्टेशन B. ब्यास स्टेशन C. नवी मुंबई स्टेशन