ट्रेन के सफर से हर किसी की यादें जुड़ी होती हैं। छुक-छुक कर दौड़ती ट्रेन में खाने का डिब्बा खोलकर मम्मी की बनायी हुई स्वादिष्ट पुरियों का स्वाद चखते हुए खिड़की से पेड़ों को पीछे की तरफ भागते हुए देखना। कभी चाय तो कभी समोसा...हर स्टेशन पर कुछ ना कुछ खरीदकर खाना।

सफर के दौरान अगर पीने का पानी खत्म हो जाए तो अगला स्टेशन आते ही झट से उतकर दौड़ते हुए पानी का बोतल और साथ में चिप्स और टाइमपास के लिए हल्के-फुल्क स्नैक्स खरीदकर लाना। पर जरा सोचिए...किसी स्टेशन पर आप उतरे। स्टेशन तो आपको बेहद साफ सुथरा दिखा लेकिन दूर-दूर तक प्लेटफार्म पर आपको एक भी दुकान ना दिखे...तो। जी हां, अगर ऐसा होता है तो समझ जाइए कि आप पंजाब के ब्यास स्टेशन पर हैं।
ब्यास स्टेशन को भारत के सबसे स्वच्छ स्टेशन का दर्जा मिला हुआ है। पंजाब के अमृतसर जिले में स्थित ब्यास स्टेशन उत्तरी रेलवे के फिरोजपुर रेलवे डिवीजन के अंतर्गत आता है। इस स्टेशन से होकर लगभग 120 ट्रेनें आती-जाती हैं। देश के 660 से भी ज्यादा स्टेशनों से ब्यास स्टेशन सीधा जुड़ा हुआ है। अमृतसर से होकर गुजरने वाली सभी ट्रेनों का स्टॉपेज ब्यास स्टेशन पर जरूर होता है। राधा स्वामी सत्संग के घर आने वाले लोगों के लिए ब्यास स्टेशन यातायात का सबसे आसान रास्ता है। इसलिए इस स्टेशन से होकर देशभर के लोग आवाजाही करते हैं।

खास बात यह है कि ब्यास स्टेशन के लिए फंडिंग भारतीय रेलवे तो करती ही है, साथ में राधा स्वामी सत्संग व्यास की ओर से भी ब्यास स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को सुविधाएं उपलब्ध करवायी जाती है। स्टेशन के प्लेटफार्म पर यात्रियों के बैठने के लिए सीट बनायी गयी है। यात्रियों को गर्मी से कोई परेशानी ना हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए हर सीट के ऊपर पंखे लगाए गये हैं। पूरा स्टेशन परिसर बेहद साफ और स्वच्छ है। मगर प्लेटफार्म पर आपको ना तो चाय-कॉफी, ना खाने -पीने के सामान और ना ही अखबार या मैगजिन वाले वेंडर दिखेंगे। इस स्टेशन के प्लेटफार्म पर सिर्फ निःशुल्क वॉटरकुलर मिलेगा जिससे यात्रियों को साफ व शीतल पानी मिलती रहे।
इसलिए अगली बार अमृतसर की अपनी ट्रिप के दौरान अगर आपने ब्यास स्टेशन पर उतरकर खाने-पीने का सामान खरीदने या टाइमपास के लिए अखबार-मैगजिन खरीदने का प्लान बनाया है तो भूल जाएं। क्योंकि इस स्टेशन पर आपको सिर्फ स्वच्छता ही नजर आएगी, पर कोई दुकान नहीं।



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