Moumita Bhattacharya       Jun 10, 2023

कोट्टियूर के पत्थर भी महोत्सव में करते हैं चमत्कार!

केरल के कन्नूर जिले के कोट्टियूर मंदिर में मानसून से ठीक पहले वैशाखमहोत्सवम् मनाया जाता है। इस महोत्सव में पूजा के लिए खास तरह के बांस के रेशों से बने विशेष फुल ओडप्पुवु का विशेष स्थान है। 

हम आपको कोट्टियूर मंदिर के वैशाखमहोत्सवम् में चढ़ाये जाने वाले खास ओडप्पुवु के बारे में पहले ही बता चुके हैं।

अगर आपने अभी तक नहीं पढ़ा है तो यहां क्लिक कर ओडप्पुवु के रहस्यों के बारे में पढ़ लें। 

अब हम आपको कोट्टियूर मंदिर के चमत्कारी पत्थरों के बारे में बता रहे हैं।

कोट्टियूर मंदिर से होकर बहने वाली बावली नदी के तल में छोटे-छोटे रंग-बिरंग कंकड़-पत्थर मिलते हैं।

वैशाखमहोत्सवम् के दौरान आने वाले भक्त इन पत्थरों को घिसकर इनसे मिलने वाले कुमकुम को माथे पर भगवान का प्रसाद स्वरूप लगाते हैं।

ओडप्पुवु की तरह ही अगर वैशाखमहोत्सवम् के 28 दिनों के अलावा किसी और समय इन पत्थरों को घिसा जाए तब भी कुछ हाथ नहीं लगता है।

सिर्फ इतना ही नहीं, इन 28 दिनों के अंदर भी अगर कोई व्यक्ति इन पत्थरों को मंदिर परिसर से बाहर ले जाकर उन्हें घिसता है तो कुमकुम नहीं निकलती है।

भगवान के प्रसाद स्वरूप कुमकुम को पाने की शर्त यहीं है कि वैशाखमहोत्सवम् में और कोट्टियूर मंदिर परिसर में ही इन पत्थरों को घिसना पड़ेगा।

केरल के इक्कारे और अक्कारे कोट्टियूर में किन भगवानों की पूजा होती है?

A. विष्णु-लक्ष्मी

B. शिव-सती

C. शिव-विष्णु