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जानिए- पतंग उड़ाने की परम्परा कब से और कैसे शुरू हुई?

पतंग उड़ाने की शुरुआत कब से हुई और इसका इतिहास क्या है? इन सभी बातों के जानने के लिए स्वाइप करें...
Kishan Gupta
पतंग उड़ाना हमारी प्राचीन सभ्यता एक उदाहरण है, जिससे हमारी सांसों में तेजी से ऑक्सीजन का प्रवाह होता है।
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पतंग उड़ाने से शरीर की अच्छी कसरत होती है और यह सकारात्मक ऊर्जा को भी बढ़ाता है।
कहा जाता है कि पतंग उड़ाने की शुरुआत 2800 साल पहले चीन के शानदोंग शहर में हुई थी।
किवदंती के अनुसार, एक चीनी किसान ने अपनी टोपी को रस्सी से बांधी थी, ताकि इसकी टोपी हवा में न उड़े।
कहा जाता है कि पहली बार बांस के कागज से पतंग बनाई गई थी।
तमिल की तंदनान रामायण के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन पहली बार श्रीराम ने पतंग उड़ायी थी, जो सीधे इंद्रलोक चली गई थी।
इतिहास की मानें तो पतंग का अविष्कार मध्यकालीन विद्वान हकीम लुकमान ने की थी।
5वीं शाताब्दी तक पतंग उड़ाना एक मनोरंजन का उद्देश्य बन गया।
सन 1800 से पतंगबाजी का सिलसिला शुरू हुआ, जो आज तक चला आ रहा है।
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