दिल्ली एनसीआर घनी आबादी वाला वो इलाका है, जहां करीब 3.2 करोड़ लोग रहते हैं।
दिल्ली में कुल 104 मुनिस्पल वार्ड हैं, एनसीआर को मिला लें तो इसके छह गुना।
दिल्ली एनसीआर के लगभग सभी इलाके घनी आबादी वाले हैं। और वर्षों से बसे हुए हैं।
हम जिन चार इलाकों की बात करने जा रहे हैं, वो हड़प्पा काल से बसे हुए हैं।
दरअसल 1987 से 1996 के बीच दिल्ली एनसीआर के तामाल इलाकों में राज्य पुरातत्व विभाग ने उत्खनन करवाया।
उन्हीं उत्खनन के आधार पर हम आपको इन चार इलाकों के नाम बताने जा रहे हैं।
पूर्वी दिल्ली में यमुना नदी के किनारे इस इलाके में 1987 में हुए उत्खनन में हड़प्पा से गुप्त काल तक के बर्तन, चूल्हा, मोती आदि मिले थे।
नरेला के इस इलाके में 1992 में हड़प्पा काल के बर्तन मिले थे। यह इलाका हड़प्पा काल के बाद मध्यकाल तक काफी घनी आबादी वाला था।
नजफगढ़ में खरखरी नहर के पास हड़प्पा काल के बर्तन इस बात के सबूत हैं कि यहां पर भारतीय संस्कृति का उदय हजारों वर्ष पहले हुआ।
ओल्ड फरीदाबाद ब्रिज के पास नचौली इलाका हजारों साल पुराना इतिहास संजोये हुए है। 1996 में यहां पर भी हड़प्पा काल के बर्तन मिले थे।
दिल्ली से 180 किमी दूर हिसार में पिछले वर्ष सिंधु घाटी सभ्यता के समय के बर्तन व 60 कंकाल मिले थे। यह अब तक के सबसे ताज़ा प्रमाण हैं।