युद्ध में किला हारा तो राजा ने खुद काटा रानी का सिर
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौजूद रायसेन किला से कई रहस्यमयी कहानियां जुड़ी हुई हैं। जो लोगों को आज भी हैरान कर देती है।
रायसेन किला पर शासन करने वालों में शेरशाह सूरी का नाम भी शामिल है। 4 महीनों की घेराबंदी के बावजूद जब शेरशाह इस किले को नहीं जीत सका तो उसने धोखे का सहारा लिया।
उस समय किले पर पूरनमल का शासन था। उन्हें जैसे ही शेरशाह के धोखे का पता चला तो उन्होंने एक पल भी नहीं गंवाया।
दुश्मनों के हाथों से अपनी रानी रत्नावली को बचाने के लिए उन्होंने खुद उसका सिर धर से काटकर अलग कर दिया।
कहा जाता है कि राजा रायसेन के पास एक पारस पत्थर था, जो लोहे को सोने में बदल देता है।
इस पारस पत्थर के लालच में भी इस किले में कई युद्ध हुए। जब एक युद्ध में रायसेन की हार हुई तो उन्होंने किले में मौजूद तालाब में पारस पत्थर को फेंक दिया।
आज भी लोग यहां तांत्रिक लेकर जाकर पारस पत्थर को ढूंढते हैं लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगता है।