Moumita Bhattacharya Dec 01, 2023
किस मुगल बादशाह को अपनी बेग़म मीना बाज़ार में मिली?
दिल्ली के मीना बाज़ार से आपने जमकर खरीदारी की होगी। लेकिन क्या मीना बाज़ार में सामान के साथ ही मुगल बादशाह के लिए बेगम भी मिलती थी?
मुगलकाल में मीना बाज़ार एक खास बाजार हुआ करता था, जो हरम में रहने वाली बांदियों के लिए लगता था।
इस बाजार में सिर्फ एक पुरुष को ही प्रवेश करने की इजाजत होती थी और वह थे खुद बादशाह। इसकी शुरुआत बादशाह अकबर ने की थी।
मीना बाज़ार में अपनी दुकान सजाने वाली किसी बांदी पर अगर बादशाह का दिल आ जाए तो उसकी तकदीर ही निखर जाती थी।
दुनिया में प्यार की निशानी के तौर पर मशहूर ताजमहल जिसके लिए बनाया गया था, मुमताज महल, वह मीना बाज़ार से ही आयी थी।
क्या आप जानते हैं?
तुर्की से लाकर हरम में रखी गयी मुमताज महल पर बादशाह शाहजहाँ की पहली नजर मीना बाज़ार में पड़ी थी।
इसके बाद वह शाहजहाँ के हरम की सबसे खास बांदी बन गयी और बाद में बादशाह की सबसे अज़ीज बेगम बनी।
मुमताज के लिए शाहजहाँ के प्यार की दीवानगी की हद ही तो ताजमहल के रूप में अस्तित्व में आयी।
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