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जानिए वृंदावन के इन रहस्यमई बातों के बारे में...

क्या है श्री कृष्ण के धाम वृंदावन का रहस्य? जानने के लिए आगे पढ़े
Sanyogita Agrahari
वृंदावन में यह मान्यता है कि हर शाम, श्री राधा - कृष्ण रंग महल में सजाए गए पलंग और अन्य सामानों का प्रयोग करते है, यदि किसी ने भी शाम के बाद परिसर में छिप कर राधा कृष्ण का रासलीला देखा तो वह पागल हो जाता है।
रंग महल
तुलसी का रहस्य
वृंदा का दूसरा अर्थ है तुलसी, वृंदावन में जगह - जगह तुलसी के पेड़ लगे है ऐसी मान्यता है कि रात में ये सारे तुलसी के पेड़ गोपियों के रूप में आकर श्री कृष्ण के लीला में मग्न होकर नृत्य करने लगती है।
अपने आप मंदिर खुलता और बंद होता हैं
श्री कृष्ण के इस पावन धरती पर एक अनोखा चमत्कार, यहां कन्हैया का एक मंदिर है जो खुद ही खुलता है और बंद होता हैं।
अजीब है पेड़ की शाखाएं
वृंदावन के पेड़ो में है कुछ ख़ास, आम तौर पर पेड़ की शाखाएं नीचे से ऊपर की ओर जाती है लेकिन श्री कृष्ण धाम की बात है अलग यहां के परिसर में पेड़ की शाखाएं ऊपर से नीचे की ओर जाती है।
मंदिर में रहते है भगवान
सुनने में अचंभा लगेगा लेकिन श्री कृष्ण की लीला का कोई अंत नहीं है, हर शाम श्री कृष्ण के लिए पंडितो द्वारा बिस्तर सजाया जाता है जोकि सुबह तक बिखरा होता है और बचे मलाई मक्खन मंदिरों से गायब हो जाता है।
हरिदास भक्त
भगवान की दिव्य माया से भक्त खुद को दूर नहीं रख सकता । ऐसे ही एक भक्त हरिदास, जिन्होने खुद को भगवान की भक्ति में समर्पित कर दिया और ऐसा बोला जाता है कि श्री कृष्ण उनसे खुद मिलने आते है ।
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