शिकार बनती वंदे भारत : कभी पत्थरबाजी, दुर्घटना और अब आग
वंदे भारत एक्सप्रेस को भारत की सेमी हाई स्पीड प्रीमियम ट्रेनों की श्रेणी में रखा जाता है।
वंदे भारत हमेशा किसी ना किसी चीज का शिकार बनती है। कभी पत्थरबाजी, कभी जानवरों से टकराकर और कभी यह आग की चपेट में भी आ जाती है।
रानी कमलापति-ह. निजामुद्दीन वंदे में भारत 17 जुलाई को मध्य प्रदेश के सागर जिले में अचानक खुद से आग लग गयी।
अयोध्या के पास लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर 11 जुलाई को वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव किया गया, जिसमें उसका कांच टूट गया।
बैंगलुरु-धारवाड़ वंदे भारत एक्सप्रेस पर 1 जुलाई को देवनागिरी स्टेशन के पास पत्थरों से हमला किया गया, जिसमें उसे मामूली नुकसान पहुंचा।
हावड़ा-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत 18 मई को हुई और उसी दिन यह ट्रेन रास्ते में जानवर से टकरा गयी, जिसमें ट्रेन के अगले हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा था।
आंधी की रफ्तार से दौड़ती वंदे भारत एक्सप्रेस 22 मई को खुद आसमानी बिजली की चपेट में आ गयी जिससे ट्रेन को मामूली नुकसान पहुंचा था।
हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस पर 3 जनवरी को उस समय पत्थर फेंका गया जब यह बिहार में किशनगंज के पास से गुजर रही थी। ट्रेन को इससे काफी नुकसान हुआ था।