चक्रवाती तूफान मोका दक्षिणपूर्व बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के क्षेत्र से उत्पन्न हुआ है।
मोका का लैंडफॉल 14 मई की दोपहर को बांग्लादेश के कॉक्सबाजार और म्यांमार के Kyaukpyu के बीच होने की संभावना है।
मोका : आइए जानते हैं बंगाल की खाड़ी में आने वाले इस चक्रवाती तूफान को लेकर वैज्ञानिक क्या कहते हैं?
मई का महीना हिंद महासागर में चक्रवाती गतिविधियों के काफी अनुकूल होता है।
पर्यावरण वैज्ञानिकों का मानना है कि वैश्विक औसत तापमान के बढ़ने की वजह से ही चक्रवात ज्यादा बनने लगे हैं।
1982-2019 तक हुए क्लाइमेट ट्रेंड्स के एक अध्ययन के मुताबिक अरब सागर में चक्रवाती तूफानों में 54% की वृद्धि हुई है जबकि बंगाल की खाड़ी में 8% की कमी आयी है।
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्योरोलॉजी के पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. रॉक्सी मैथ्यू कोल कहते हैं कि बंगाल की खाड़ी पिछले कुछ दशकों से ग्लोबल वॉर्मिंग पर सवार है।
समुद्र का तापमान 30-32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। उच्च तापमान समुद्र में चक्रवाती गतिविधियों में सहायक होती है।
इसी वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफानों की तीव्रता काफी बढ़ रही है।