Ajay Mohan Feb 27, 2023
एक नज़र पुरानी किताबों में दर्ज नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) के इतिहास की...
क्या आपने सोचा है जिस दिन भारत आज़ाद हुआ उसके दूसरे दिन NSC की ब्याज दर कितनी थी?
क्या आपने सोचा है अंग्रेजी हुकूमत NSC के पैसे का इस्तेमाल कहां करती थी?
NSC से जुड़े इस इतिहास के लिए तैयार हो जाइये...
वर्तमान में डाक घर में मिलने वाली नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट की ब्याज दर 6.8 प्रतिशत है।
आज एनएससी 100, 500, 1000, 5000 के डिनॉमिनेशन में आता है, तो तब कितने की आती होगी।
दरअसल जिस दिन भारत आज़ाद हुआ, उसके ठीक दूसरे दिन NSC की नई ब्याज दर लागू की गई थीं, जो 3.5% प्रति वर्ष थी।
उस दौरान 5 रुपए, 10 रुपए, 50 रुपए और 100 रुपए के एनएससी सर्टिफिकेट जारी किये जाते थे।
तब 10 रुपए का सर्टिफिकेट 12 साल में 15 रुपए का हो जाता था।
दूसरे सवाल का उत्तर- अंग्रेज़ कहां करते थे NSC से प्राप्त धन का इस्तेमाल...
दरअसल एनएससी बोर्ड की स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आर्थिक स्टेबिलिटी लाने के लिए की गई थी।
जनता के द्वारा किये गये निवेश का इस्तेमाल सरकार युद्ध के लिए धन जुटाने के लिए करती थी।
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