Moumita Bhattacharya       May 04, 2023

बाकी ट्रेनों को रोककर किन ट्रेनों को दिया जाता है सबसे पहले ग्रीन सिग्नल?

भारत की लाइफ लाइन इसकी रेल सेवाओं को कहा जाता है। देश के हर एक कोने को जोड़ने का काम भारतीय रेलवे बखूबी करती हैं।

कुछ ऐसी ट्रेनें होती हैं, जिन्हें भारतीय रेलवे सबसे ज्यादा तवज्जो देती है और उन्हें रास्ता देने के लिए बाकी सभी ट्रेनों को रोक दिया जाता है।

चलिए आपको उन ट्रेनों के बारे में बताते हैं, जिनको पहले ग्रीन सिग्नल देने के लिए दूसरी ट्रेनों को रोक दिया जाता है।

देश में सबसे ज्यादा तवज्जो दुर्घटना राहत चिकित्सा ट्रेनों को दी जाती है जो रेल दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंचकर घायलों की मदद करती है। 

दुर्घटना राहत चिकित्सा ट्रेन 

इस ट्रेन को रास्ता देने के लिए राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों को भी रोक दिया जाता है।

भारत के राष्ट्रपति की ट्रेन हाई प्रायोरिटी ट्रेन है। कोई भी ट्रेन अगर इसके आगे चल रही होती है तो उसे रोक कर राष्ट्रपति की ट्रेन को रास्ता दिया जाता है। 

राष्ट्रपति की ट्रेन

सेमी हाई स्पीड ट्रेनों में वंदे भारत ट्रेनें शामिल हैं, जो देश के कोने-कोने को जोड़ रही है।

वंदे भारत

इस ट्रेन को आगे बढ़ने के लिए बाकी सभी ट्रेनों से पहले ग्रीन सिग्नल दिया जाता है।

राजधानी, शताब्दी और तेजस एक्सप्रेस समय पर पहुंचने और अपनी सुविधाओं के लिए भारतीय रेलवे में बेस्ट मानी जाती हैं।

राजधानी, शताब्दी और तेजस

इन तीनों ट्रेनों को रास्ता देने के लिए बाकी सभी ट्रेनों को रोक दिया जाता है। 

कम पैसे में हाई स्पीड ट्रेनों की सेवा देने के लिए ही 2009 और 2005 में दुरंतो और गरीब रथ ट्रेनों को शुरू किया गया था।

दुरंतो और गरीब रथ

वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी और तेजस के बाद दुरंतो व गरीब रथ को ही भारतीय रेलवे सबसे ज्यादा वरियता देती है।