मुंबई घूमने जाने वाले लगभग हर पर्यटक की शाम मुंबई के किसी ना किसी समुद्र तट पर ही बीतती है।
क्या आपने कभी गौर किया है, मुंबई में आप भले ही समुद्र के पानी में अपने पैर डाल ले लेकिन वहां किसी को भी समुद्र में तैरने की अनुमति नहीं दी जाती। पर क्यों?
दरअसल, मुंबई के समुद्रतट काफी पथरीले होते हैं। इसी वजह से सुरक्षा के लिहाज से यहां तैरने की अनुमति नहीं दी जाती है।
हालांकि पुलिस प्रशासन का यह भी कहना है कि अगर मुंबई में समुद्र में तैरने की अनुमति दे दी गयी तो भीड़ इतनी बढ़ जाएगी कि उन्हें संभालना मुश्किल हो जाएगा।
जानकारों का कहना है कि सालों पहले जब पृथ्वी बेहद गर्म थी तब ज्वालामुखी का विस्फोट हुआ था।
धीरे-धीरे ज्वालामुखी का लावा ठंडा हुआ और मुंबई के कई समुद्रतटों के आसपास आज भी काले रंग के पत्थरों के रूप में ये लावा जमा है।
लावा से बने पत्थर वर्सोवा, मरीन ड्राइव, कार्टर रोड और वर्ली सी लिंक में समुद्रतटों पर नजर आते हैं।
बताया जाता है कि इन्हीं पत्थरों से ही अंधेरी के ठीक बीच में गिलबर्ट हिल भी बना हुआ है।
कहा तो यहां तक जाता है छत्रपति शिवाजी टर्मिनल और गेटवे ऑफ इंडिया की नींव भी इसी जमे हुए लावा से बना काले रंग के पत्थर से ही रखी गयी थी।